पर्यावरण पर अपील: प्रधानमंत्री ने जल संरक्षण और पर्यावरण-संवेदनशील जीवनशैली अपनाने का किया आग्रह।

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज ‘मन की बात’ कार्यक्रम के 113वें संस्करण में देशवासियों को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने आपातकाल की 50वीं बरसी पर तीखा हमला बोला और इसे भारत के लोकतंत्र पर सबसे बड़ा धब्बा बताया।

पीएम मोदी ने कहा, “25 जून 1975 को आपातकाल लगाकर देश के संविधान की हत्या कर दी गई थी। मीडिया पर ताले लगा दिए गए, हजारों लोगों को जेल में ठूंस दिया गया। यह सत्ता के लालच में लोकतंत्र को कुचलने की शर्मनाक घटना थी। हमें उस दौर को कभी नहीं भूलना चाहिए।”

प्रधानमंत्री ने युवाओं से अपील की कि वे आपातकाल के इतिहास को जानें और लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए सजग नागरिक बनें।
पीएम मोदी ने 21 जून को मनाए गए अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की चर्चा करते हुए कहा कि आज योग भारत की संस्कृति से निकलकर वैश्विक चेतना का हिस्सा बन गया है। उन्होंने कहा, “दुनिया के हर कोने में लोग योग से जुड़ रहे हैं, यह भारत की एक महत्वपूर्ण देन है। योग शरीर ही नहीं, मन और आत्मा को भी जोड़ता है।प्रधानमंत्री ने कार्यक्रम में देश के किसानों, स्टार्टअप्स और जल संरक्षण अभियानों का भी ज़िक्र किया और लोगों से पर्यावरण-संवेदनशील जीवनशैली अपनाने का आह्वान किया।देश के लिए हमें सकारात्मकता, सेवा और संस्कार के साथ आगे बढ़ना है। लोकतंत्र की मजबूती में हर नागरिक की भूमिका अहम है।

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