अमेरिका में प्रतिष्ठित अखबार न्यूयॉर्क टाइम्स को पहलगाम आतंकी हमले की रिपोर्टिंग को लेकर अमेरिकी विदेश मामलों की समिति से कड़ी फटकार मिली है। समिति के सदस्यों ने अखबार की उस हेडलाइन और रिपोर्ट को पक्षपाती और असंवेदनशील करार दिया, जिसमें हमले की गंभीरता को नजरअंदाज किया गया था।
दरअसल, जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हाल ही में तीर्थयात्रियों को निशाना बनाकर हुए आतंकी हमले में कई निर्दोष नागरिकों की जान चली गई थी। इस घटना को लेकर जहां भारत सरकार और सुरक्षा एजेंसियों ने कड़ी प्रतिक्रिया दी, वहीं न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट में इसे “मिलिटेंट अटैक” कहकर पेश किया गया, जिससे हमलावरों के प्रति नरमी और हमले की भयावहता को कम करके दिखाने का आरोप लगा।
अमेरिकी प्रतिनिधि सभा की विदेश मामलों की समिति के वरिष्ठ सदस्य जो विटन और मार्क रूबीओ ने सार्वजनिक बयान जारी कर कहा कि इस तरह की पत्रकारिता न सिर्फ पीड़ितों का अपमान है, बल्कि यह आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक लड़ाई को भी कमजोर करती है। उन्होंने न्यूयॉर्क टाइम्स से रिपोर्ट हटाने या संशोधित करने की मांग भी की है।
वहीं, सोशल मीडिया पर भी इस रिपोर्ट को लेकर विरोध तेज है। कई अमेरिकी और भारतीय नागरिकों ने न्यूयॉर्क टाइम्स पर एजेंडा आधारित पत्रकारिता करने का आरोप लगाया है।
बात दें कि इससे पहले भी न्यूयॉर्क टाइम्स को भारत से जुड़ी संवेदनशील घटनाओं पर एकतरफा रिपोर्टिंग को लेकर आलोचना झेलनी पड़ी है। 이번 मामले में अमेरिकी सत्ताधारी वर्ग द्वारा उठाई गई आपत्ति, भारत के रुख को अंतरराष्ट्रीय समर्थन मिलने के संकेत के तौर पर देखी जा रही है।




