नई दिल्ली: संसद के मानसून सत्र के दौरान आज एक बार फिर हंगामे का माहौल देखने को मिला। विपक्षी दलों ने कई मुद्दों पर जोरदार विरोध दर्ज कराया, जिसके चलते दोनों सदनों की कार्यवाही सुचारु रूप से नहीं चल सकी। शोर-शराबे और नारेबाजी के बीच लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही को पहले कुछ समय के लिए स्थगित किया गया और बाद में पूरे दिन के लिए स्थगित कर दिया गया।
सूत्रों के मुताबिक, विपक्ष ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’, महंगाई, किसानों के मुद्दे और हालिया घोटालों को लेकर सरकार को घेरने की कोशिश की। विपक्ष की मांग थी कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं सदन में आकर जवाब दें। इस पर सत्ता पक्ष की ओर से भी तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला और राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ ने बार-बार सदस्यों से शांत रहने और कार्यवाही चलने देने की अपील की, लेकिन शोर-शराबा थमने का नाम नहीं लिया। अंततः दोनों सदनों की कार्यवाही पहले दोपहर 2 बजे तक स्थगित की गई, और फिर दिनभर के लिए स्थगित कर दी गई।
गौरतलब है कि मानसून सत्र के दौरान पहले दिन से ही विपक्ष और सरकार के बीच टकराव की स्थिति बनी हुई है। ऐसे में यह देखना होगा कि आने वाले दिनों में कोई समाधान निकलता है या नहीं।




