संसद के मानसून सत्र का दूसरा दिन भी हंगामे की भेंट चढ़ गया। विपक्षी दलों ने बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण और अन्य ज्वलंत मुद्दों पर चर्चा की मांग को लेकर दोनों सदनों में जोरदार हंगामा किया।
जैसे ही कार्यवाही शुरू हुई, विपक्षी सांसदों ने नारेबाजी करते हुए वेल में आकर प्रदर्शन किया। इसके चलते लोकसभा और राज्यसभा दोनों में प्रश्नकाल और शून्यकाल नहीं चल सका।
विपक्ष का कहना है कि बिहार में मतदाता सूची को लेकर गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं और इस पर पारदर्शी बहस होनी चाहिए। इसके अलावा, विपक्ष महंगाई, बेरोजगारी और कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दों पर भी सरकार को घेरने के मूड में है।
सरकार ने विपक्ष पर संसद की कार्यवाही बाधित करने का आरोप लगाया है, जबकि विपक्ष का दावा है कि उन्हें जनहित के मुद्दों पर बोलने नहीं दिया जा रहा।




