चिदंबरम के बयान पर शाह का वार- क्या पाकिस्तान के बचाव में बयान दे रहे हैं आप?

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नई दिल्ली:

गृह मंत्री अमित शाह ने हाल ही में सफल रहे ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को लेकर कांग्रेस नेता और पूर्व गृहमंत्री पी. चिदंबरम की टिप्पणी पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। अमित शाह ने कहा कि जब भारतीय सेना ने अपने साहस और समर्पण से ऑपरेशन को अंजाम दिया, तब इस पर सवाल उठाना न केवल सेना के मनोबल को ठेस पहुंचाता है, बल्कि यह राष्ट्र की सुरक्षा के प्रति गैर-जिम्मेदाराना रुख भी दर्शाता है।

‘ऑपरेशन सिंदूर’ जम्मू-कश्मीर के कारगिल सेक्टर के पास स्थित एक महत्वपूर्ण क्षेत्र में पाकिस्तान द्वारा की जा रही घुसपैठ की कोशिश को विफल करने की भारतीय सेना की एक बड़ी कार्रवाई थी। इस ऑपरेशन के दौरान कई पाकिस्तानी घुसपैठिए मारे गए और सेना ने कई बंकरों को नष्ट कर सीमा को सुरक्षित किया।

चिदंबरम का बयान

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी. चिदंबरम ने एक मीडिया बातचीत में कहा था कि सरकार को इस ऑपरेशन की पूरी जानकारी सार्वजनिक करनी चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या यह ऑपरेशन एक राजनीतिक रणनीति के तहत किया गया, या फिर यह वास्तव में राष्ट्रीय सुरक्षा का मामला था। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि सरकार को यह बताना चाहिए कि इस ऑपरेशन में क्या पाकिस्तान की संलिप्तता सीधे तौर पर प्रमाणित है।

अमित शाह का तीखा पलटवार

अमित शाह ने चिदंबरम के इस बयान पर नाराजगी जाहिर करते हुए कहा, “जब हमारे जवान अपनी जान जोखिम में डालकर देश की रक्षा करते हैं, तब ऐसे बयान केवल पाकिस्तान का मनोबल बढ़ाते हैं। कांग्रेस को सोचना चाहिए कि देशहित पहले आता है या राजनीति।”

गृह मंत्री ने यह भी कहा कि विपक्ष के कुछ नेता बार-बार ऐसे बयानों से पाकिस्तान को ‘क्लीन चिट’ देने की कोशिश करते हैं। “चिदंबरम जी, पाकिस्तान को बचाकर आपको क्या मिलेगा? क्या यही आपकी राजनीति है? देश विरोधी ताकतों को समर्थन देना क्या कांग्रेस की नई नीति बन गई है?” अमित शाह ने तीखे सवालों के जरिए कांग्रेस को कटघरे में खड़ा किया।

भाजपा का आरोप: कांग्रेस सेना का अपमान कर रही

भारतीय जनता पार्टी ने भी इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा है। भाजपा प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि कांग्रेस लगातार सेना की उपलब्धियों को कमतर आंकने की कोशिश कर रही है। “जब सर्जिकल स्ट्राइक हुई, तब भी कांग्रेस ने सबूत मांगे थे। अब ऑपरेशन सिंदूर पर सवाल खड़े किए जा रहे हैं। यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है,” उन्होंने कहा।

सेना के सूत्रों की पुष्टि

सेना से जुड़े सूत्रों ने बताया कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पूरी तरह एक गोपनीय और रणनीतिक मिशन था, जिसका उद्देश्य सीमा पार से आ रहे आतंकवादियों की गतिविधियों को रोकना था। इस ऑपरेशन के तहत सेना ने अत्याधुनिक तकनीक और ड्रोन का भी इस्तेमाल किया और पाकिस्तान के कई बंकरों को टारगेट किया। इस ऑपरेशन में भारतीय सेना को कोई नुकसान नहीं हुआ और यह पूरी तरह सफल रहा।

कांग्रेस की सफाई

चिदंबरम के बयान पर विवाद बढ़ने के बाद कांग्रेस की ओर से सफाई दी गई। पार्टी के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने कहा कि कांग्रेस सेना का सम्मान करती है और कभी भी उनकी वीरता पर सवाल नहीं उठाती। उन्होंने कहा, “हम सरकार से पारदर्शिता की मांग करते हैं, ताकि देश को सच्चाई पता चले। इसका मतलब यह नहीं कि हम सेना का अपमान कर रहे हैं।”

राजनीतिक माहौल गरमाया

इस बयानबाजी के बाद देश की राजनीति में गर्मी बढ़ गई है। भाजपा समर्थक सोशल मीडिया पर कांग्रेस की आलोचना कर रहे हैं और इसे राष्ट्रविरोधी रुख बता रहे हैं। वहीं कांग्रेस समर्थक यह कह रहे हैं कि सरकार हर सैन्य कार्रवाई को चुनावी लाभ के लिए प्रचार का जरिया बना रही है।

  • निष्कर्ष

‘ऑपरेशन सिंदूर’ को लेकर कांग्रेस और भाजपा के बीच छिड़ा यह विवाद एक बार फिर राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे गंभीर मुद्दों पर राजनीति को उजागर करता है। जहां सरकार इसे सेना की उपलब्धि मानती है, वहीं विपक्ष सरकार की मंशा पर सवाल उठा रहा है। इस पूरे विवाद में सबसे महत्वपूर्ण यह है कि सेना का मनोबल न गिरे और देशहित सर्वोपर|

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