माननीय उप मुख्यमंत्री-सह-कृषि मंत्री श्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि नमामि गंगे स्वच्छता अभियान के अंतर्गत परम्परागत कृषि विकास योजना (पी॰के॰भी॰वाई॰) के तृतीय वर्ष (वित्तीय वर्ष 2025-26) के लिए कुल 2356.20 लाख (तेईस करोड़ छप्पन लाख बीस हजार) रूपये की राशि की स्वीकृति दी गई है। इसमें 1413.72 लाख रूपये केंद्रांश और 942.48 लाख रूपये राज्यांश शामिल है।
उन्होंने कहा कि इस योजना का कार्यान्वयन 12 जिलों यथा बेगूसराय, पटना, समस्तीपुर, बक्सर, सारण, कटिहार, भोजपुर, भागलपुर, खगड़िया, मुंगेर, वैशाली और लखीसराय – की गंगा किनारे स्थित पंचायतों में किया जा रहा है। वर्ष 2021-22 में स्वीकृत 700 समूहों के अंतर्गत 14,000 हेक्टेयर भूमि पर कार्य प्रारंभ किया गया था। वर्ष 2025-26 में उन्हीं किसानों के माध्यम से योजना का तृतीय चरण क्रियान्वित होगा, जिन्होंने पहले व दूसरे वर्ष कार्य किया है।
माननीय उप मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रति हेक्टेयर 16,500 रूपये की दर से जैविक उपादान और अन्य घटकों पर व्यय किया जाएगा, जो किसानों के बैंक खातों में सीधे भुगतान किया जाएगा। सेवा प्रदाता को 2,500 रूपये प्रति हेक्टेयर की राशि जिला कृषि पदाधिकारी की अनुशंसा एवं संयुक्त निदेशक (रसायन), कम्पोस्ट एवं बायोगैस, पटना की सहमति के उपरांत दी जाएगी।
श्री सिन्हा ने कहा कि योजना के अंतर्गत किसानों को जैविक खेती, प्रशिक्षण और पी॰जी॰एस॰ आधारित प्रमाणीकरण के लिए अधिकतम 2 हेक्टेयर तक सहायता अनुदान मिलेगा। यह केंद्र प्रायोजित योजना 60ः40 के अनुपात में संचालित की जा रही है। विभाग द्वारा भारत सरकार की मार्गदर्शिका के अनुरूप कार्यान्वयन निर्देश जारी किए जाएंगे। बिहार सरकार का यह प्रयास गंगा नदी की स्वच्छता, पारंपरिक कृषि के पुनरूद्धार और जैविक खेती को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।




