जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले को लेकर आतंकी संगठन द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) एक बार फिर बेनकाब हो गया है। TRF ने हमले के तुरंत बाद हमले वाली जगह की तस्वीर सोशल मीडिया पर पोस्ट की और दो बार इस हमले की जिम्मेदारी ली। सुरक्षा एजेंसियों की नजर अब TRF के डिजिटल नेटवर्क पर है, जिससे उसके आकाओं तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है।
इस हमले में सुरक्षाबलों की एक टुकड़ी को निशाना बनाया गया था, जिसमें कई जवान घायल हुए। हमले के बाद TRF ने अपने टेलीग्राम चैनल पर न सिर्फ हमला करने का दावा किया, बल्कि घटनास्थल की तस्वीरें भी शेयर कर दीं। इससे साफ है कि हमले की साजिश पहले से रची गई थी और TRF इससे जुड़ा हुआ है।
विशेषज्ञों का मानना है कि TRF लश्कर-ए-तैयबा का ही एक छद्म चेहरा है, जिसका मकसद घाटी में आतंक को जिंदा रखना और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भ्रम फैलाना है। अब सुरक्षा एजेंसियां इस हमले से जुड़े हर डिजिटल सुराग को खंगाल रही हैं, ताकि आतंकियों के पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया जा सके।




