सहकारिता क्षेत्र को मिला प्रोत्साहन: एनसीडीसी को केंद्र से 2000 करोड़ की सहायता

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नई दिल्ली | 31 जुलाई 2025

केंद्र सरकार ने सहकारी संस्थाओं को आर्थिक मजबूती देने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (NCDC) को चार वर्षों के लिए कुल 2,000 करोड़ रुपये की ग्रांट-इन-एड (वित्तीय सहायता) देने का निर्णय लिया गया है।

यह सहायता प्रत्येक वर्ष 500 करोड़ रुपये के रूप में जारी की जाएगी, जो NCDC को पूंजी बाजार से ऋण उठाने में सक्षम बनाएगी और इससे सहकारी समितियों को बड़े पैमाने पर ऋण सहायता उपलब्ध कराई जा सकेगी।

सहयोगी संस्थाओं को मिलेगा बढ़ावा

इस सहायता से NCDC लगभग 20,000 करोड़ रुपये तक की अतिरिक्त पूंजी बाजार से जुटाने में सक्षम होगा, जिसका उपयोग देशभर की सहकारी संस्थाओं को वित्तीय सहायता देने में किया जाएगा। इस योजना के अंतर्गत डेयरी, मत्स्य पालन, कृषि-प्रसंस्करण, हथकरघा, कोल्ड स्टोरेज, और पशुपालन जैसे क्षेत्रों में काम कर रही सहकारी समितियों को विशेष रूप से लाभ होगा।

2.9 करोड़ सदस्य होंगे लाभान्वित

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, यह पहल करीब 13,288 सहकारी समितियों और उनके लगभग 2.9 करोड़ सदस्यों को सीधे तौर पर लाभ पहुंचाएगी। इससे ग्रामीण स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी उत्पन्न होंगे, साथ ही महिला-नेतृत्व वाली समितियों को भी आर्थिक मजबूती मिलेगी।

एनसीडीसी की उपलब्धियां और भविष्य की रणनीति

NCDC फिलहाल देश की 8.25 लाख से अधिक सहकारी संस्थाओं को सहायता प्रदान करता है।

इसके पास लगभग 29 करोड़ सदस्य पंजीकृत हैं, जिनमें 94% किसान वर्ग से आते हैं।

संस्था की ऋण वसूली दर 99.8% है और कोई NPA नहीं है, जिससे इसकी कार्यप्रणाली की मजबूती साबित होती है।

सरकार का उद्देश्य

इस निर्णय का उद्देश्य केवल आर्थिक सहायता देना नहीं, बल्कि सहकारी संस्थाओं को आत्मनिर्भर बनाना है ताकि वे स्वयं पूंजी जुटा सकें और ग्रामीण भारत में आर्थिक गतिविधियों को गति दे सकें। इससे कृषि क्षेत्र के साथ-साथ ग्रामीण उद्योगों को भी प्रोत्साहन मिलेगा।

निष्कर्ष

2,000 करोड़ रुपये की यह सहायता सहकारिता क्षेत्र को नए आयाम देगी। सरकार का मानना है कि यदि सहकारी समितियां मजबूत होंगी तो न केवल ग्रामीण अर्थव्यवस्था सशक्त होगी, बल्कि ‘सहकार से समृद्धि’ का लक्ष्य भी साकार किया जा सकेगा।

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