नई दिल्ली: संसद के मानसून सत्र के दौरान केंद्र सरकार सोमवार को लोकसभा में जन विश्वास (संशोधन) विधेयक, 2025 पेश करने जा रही है। इस विधेयक का उद्देश्य छोटे-मोटे अपराधों को अपराध के दायरे से बाहर लाना और सजा को गैर-आपराधिक तरीकों से बदलना है। इसके तहत कुछ पुराने कानूनों को संशोधित किया जाएगा ताकि नागरिकों और व्यवसायों पर अनावश्यक कानूनी बोझ कम किया जा सके।
सरकार का मानना है कि ऐसे प्रावधानों को खत्म करना जरूरी है जो अब समयानुकूल नहीं हैं और सामान्य नागरिकों के लिए कठिनाइयों का कारण बनते हैं।
क्या है जन विश्वास (संशोधन) विधेयक, 2025?
यह विधेयक केंद्र सरकार के Ease of Doing Business और Ease of Living के विज़न का हिस्सा है। इसका मुख्य उद्देश्य:
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छोटे-मोटे गैर-आपराधिक मामलों में जेल की सजा को हटाना
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दंडात्मक प्रावधानों को आर्थिक दंड या चेतावनी में बदलना
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विभिन्न मंत्रालयों और विभागों के 40+ अधिनियमों में संशोधन करना
लोकसभा में विशेष चर्चा भी प्रस्तावित
इसके साथ ही सरकार ने सोमवार को लोकसभा में एक विशेष चर्चा का भी प्रस्ताव रखा है। इस चर्चा में देश के सामाजिक, आर्थिक और कानूनी सुधारों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। संसदीय कार्य मंत्रालय ने सभी दलों से सहयोग की अपील की है ताकि चर्चा सकारात्मक और रचनात्मक हो।




