जस्टिस विक्रम नाथ, जस्टिस संदीप मेहता और जस्टिस एनवी अंजारिया की तीन न्यायाधीशों की बेंच ने आवारा कुत्तों पर आज यह फैसला सुनाया है
सुप्रीम कोर्ट ने आज 22 अगस्त को आवारा कुत्तों को लेकर नए दिशा-निर्देश जारी किए। कोर्ट ने अपने 11 अगस्त के आदेश में कई बदलाव किए हैं। अब सभी आवारा कुत्तों को शेल्टर होम में बंद नहीं किया जाएगा। साथ ही, कोर्ट ने मामले को सिर्फ दिल्ली-एनसीआर तक सीमित रखने की बजाय पूरे देश से जोड़ दिया है। राष्ट्रीय नीति बनाने को लेकर सभी राज्यों से जवाब मांगा है।
*सुप्रीम कोर्ट के नए आदेश:*
*तीन जजों की बेंच ने अपने फैसले में स्पष्ट किया है*
1. कुत्तों को टीकाकरण और नसबंदी के बाद छोड़ा जाएगा
पकड़े गए आवारा कुत्तों को उसी क्षेत्र में वापस छोड़ना होगा।
रेबीज से ग्रस्त और हिंसक/खतरनाक कुत्तों को वापस नहीं छोड़ा जाएगा।
2. सड़क पर कुत्तों को खाना खिलाने पर रोक
कोर्ट ने कहा कि अब सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर कुत्तों को खाना खिलाने की अनुमति नहीं होगी।
इसके लिए नगर निकायों को विशेष फीडिंग स्पॉट बनाने के निर्देश दिए गए हैं।
कोर्ट का कहना है कि सड़क पर खाना खिलाने से अक्सर हादसे हो जाते हैं।
3. उल्लंघन की शिकायत के लिए हेल्पलाइन
सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया है कि एक हेल्पलाइन नंबर शुरू किया जाए। इस नंबर पर पीड़ित लोग और डॉग लवर्स दोनों शिकायत व जानकारी दे सकेंगे।
शिकायत मिलने पर तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित होगी।
4. बाधा डालने पर कानून के मुताबिक उचित कार्रवाई
अगर कोई व्यक्ति या पशु प्रेमी आवारा कुत्ता पकड़ने के अभियान को बाधित करता है, तो उस पर कानूनी कार्रवाई होगी
पशु प्रेमियों और एनजीओ के लिए भी नियम बनाए गए हैं—
जो डॉग लवर /गैर-सरकारी संगठन या याचिकाकर्ता SC मामले की सुनवाई में पक्षकार बनना चाहते हैं, उन्हें कार्यवाही में भाग लेने के लिए भुगतान करना पड़ेगा.
किसी व्यक्ति को केस में पक्षकार बनने के लिए 25,000 रुपये, जबकि एनजीओ को 2 लाख रुपये तक का भुगतान करना होगा
5. दिल्ली से देश तक – राष्ट्रीय नीति बनेगी
सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को पक्षकार बना लिया है।
देशभर के हाई कोर्ट में लंबित ऐसे सभी मामलों को सुप्रीम कोर्ट ने अपने पास ट्रांसफर कर सुनवाई करेगा l
इसका मतलब है कि अब पूरे देश के लिए एक समान नीति सुप्रीम कोर्ट बनाएगा।
कोर्ट ने आदेश का दायरा बढ़ाया, जो पूरे देश में लागू होगा. कहा, ‘ ये अंतरिम आदेश है. हमने कोर्ट के पिछले आदेश में संशोधन किया है
आज दिए आदेश में अब आवारा कुत्तों और नागरिकों दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में ऐतिहासिक माना जा रहा है।
रिपोर्ट:-निखिल रस्तोगी




