खेल सेक्टर पर महंगाई की मार: आईपीएल टिकट्स पर अब देना होगा ज्यादा टैक्स

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नई दिल्ली:
सरकार द्वारा हाल ही में किए गए GST स्लैब में बदलाव का असर अब सीधे खेल सेक्टर, खासकर क्रिकेट टूर्नामेंट्स जैसे आईपीएल (IPL)पर भी देखने को मिल रहा है। नए नियमों के तहत आईपीएल टिकटों पर अब 40% तक टैक्स देना होगा। इससे खेल आयोजकों के साथ-साथ दर्शकों की जेब पर भी बड़ा असर पड़ेगा।

आईपीएल टिकट पर क्यों बढ़ा टैक्स?

अब तक आईपीएल जैसे इवेंट्स को मनोरंजन के तहत माना जाता था, और उन पर 18% तक GST लगता था। लेकिन अब इसे कमर्शियल एक्टिविटी के रूप में वर्गीकृत किया गया है, जिसके चलते टैक्स स्लैब को बढ़ाकर 28% से 40% तक कर दिया गया है (राज्य व अन्य शुल्कों को मिलाकर)।

 मुख्य बिंदु:

  • पहले: 18% GST

  • अब: 28% + अन्य शुल्क = लगभग 40%

  • टिकट की कीमत ₹1000 हो तो अब ₹1400 तक चुकाने पड़ सकते हैं।

खेल सेक्टर पर असर क्या पड़ेगा?

  1. टिकट की कीमतें बढ़ेंगी – दर्शकों के लिए स्टेडियम जाना महंगा पड़ेगा।

  2. ऑर्गनाइजर्स को कम मुनाफा – आयोजकों की लागत बढ़ेगी।

  3. छोटे टूर्नामेंट्स पर भी असर – सिर्फ आईपीएल नहीं, बल्कि ISL, Pro Kabaddi, और घरेलू लीग्स पर भी असर पड़ेगा।

  4. स्पॉन्सरशिप और ब्रांडिंग पर भी पड़ेगा असर, क्योंकि व्यय बढ़ जाएगा।

 आईपीएल फ्रेंचाइज़ी क्या कह रही हैं?

आईपीएल से जुड़ी कई फ्रेंचाइज़ीज़ और आयोजकों ने इस टैक्स को “अनुचित और खेल विरोधी” बताया है। उनका कहना है कि इससे भारत में खेलों की लोकप्रियता और पहुंच दोनों पर असर पड़ेगा।

क्या यह फैसला वापस हो सकता है?

टैक्स विशेषज्ञों का मानना है कि अगर खेल इंडस्ट्री से जोरदार प्रतिक्रिया मिलती है, तो सरकार इस फैसले पर पुनर्विचार कर सकती है।

GST स्लैब में बदलाव से खेल और मनोरंजन क्षेत्र को तगड़ा झटका लगा है। जहां एक ओर सरकार राजस्व बढ़ाने की कोशिश में है, वहीं दूसरी ओर इससे खेल संस्कृति और दर्शकों की भागीदारी प्रभावित हो सकती है।

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