दिल्ली में यमुना का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है और खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। नदी के उफान से हालात बिगड़ते जा रहे हैं। दो दिन पहले ही लोहे का पुल बंद कर दिया गया था। वहीं सिविल लाइंस इलाके में कल से पानी भरना शुरू हुआ और अब स्थिति इतनी गंभीर हो गई है कि आज घरों और सड़कों तक पानी पहुंच गया है। करोड़ों रुपये के कीमत वाले पॉश इलाकों तक जलभराव हो चुका है। ISBT, मोनेस्ट्री और मजनू का टीला जैसे इलाकों में भी पानी भर गया है।
वजीराबाद के पास बसी बस्तियों में पहुंचा पानी

वजीराबाद पुल के पास आज सुबह यमुना का पानी मात्र दो फीट की नीचे दूरी पर बहता दिखा। तेज बहाव के कारण नजदीकी मंदिर और श्मशान घाट पूरी तरह डूब गए। निचली कॉलोनियों में पानी भरने से लोग बेहाल हैं। कई परिवारों ने अपने डूबे घरों की छतों पर टेंट लगाकर गुज़ारा करना शुरू कर दिया है। स्थानीय लोग नाराज हैं और कह रहे हैं कि नेता वोट मांगने तो आते हैं, लेकिन आपदा के समय कोई मदद के लिए नहीं पहुंचा। घुटनों तक पानी और लगातार बारिश से दिक्कतें और बढ़ गई हैं। साथ ही जलभराव से बीमारियों का खतरा मंडरा रहा है।
इन बस्तियों में जहां दो चार घर डूबने से बच गए है वह दिल्ली जल बोर्ड के गंदे पानी की सप्लाई को लेकर परेशान दिखे l शिकायत करने के बाद भी कोई हल नहीं निकला और बताया कि इस पानी को नहाने और कपड़े धोने में लेते है l RO का पानी पीने के लिए उपयोग करते है l
NH 44 पर , अलीपुर फ्लाईओवर पर धंसी सड़क, बना गड्ढा।

इस बीच अलीपुर फ्लाई ओवर पर,सिंधु बॉर्डर से पहले सोनीपत-दिल्ली हाईवे पर बड़ा हादसा हुआ। फ्लाईओवर का एक हिस्सा धंस गया, जिससे गड्ढा बन गया, जिसमें एक ऑटो फंस गया। ऑटो चालक घायल हुआ है और उसका इलाज अस्पताल में जारी है। घटना के बाद फ्लाईओवर को ट्रैफिक के लिए बंद कर दिया गया, जिससे दिल्ली-हरियाणा मार्ग पर लंबा जाम लग गया।
इसी के चलते दिल्ली चंडीगढ़ मार्ग प्रभावित रहेगा, यह फ्लाई ओवर खुलने तक l
सरकार की नज़र हर स्थिति पर
दिल्ली सरकार ने बाढ़ की संभावना को देखते हुए सभी जरूरी और एहतियादी कदम उठाए है l बाढ़ राहत शिविर भी लगाए है
सरकार ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत-बचाव टीमों की तैनाती की है और लोगों से सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है। और दिल्ली की मुख्यमंत्री स्वयं सारी स्थिति पर नजर बनाए हुए है l
मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों में और बारिश की चेतावनी दी है। अगर यमुना में जलस्तर इसी तरह बढ़ता रहा तो हालात और गंभीर हो सकते हैं।
Reported by:- निखिल रस्तोगी




