इम्फाल/चुराचांदपुर:
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रस्तावित मणिपुर दौरे से पहले राज्य में सियासी और सुरक्षा गतिविधियां अचानक तेज हो गई हैं। अनुमान है कि पीएम 13 सितंबर को मणिपुर पहुंचेंगे, और चुराचांदपुर व इम्फाल में कार्यक्रमों को संबोधित करेंगे। हालांकि अभी पीएम के प्रोग्राम का आधिकारिक शैडयूल्ड आना बाकी है।
राज्यपाल की उच्चस्तरीय बैठक
राज्यपाल अजय कुमार भल्ला ने हाल ही में भाजपा विधायकों और शीर्ष अधिकारियों के साथ बैठक की। विधायकों ने इस दौरान पीएम को ज्ञापन सौंपने की तैयारी जताई, जिसमें “राजनीतिक समाधान” की मांग प्रमुख होगी। माना जा रहा है कि यह मांग कुकी-जो बहुल पहाड़ी इलाकों को विशेष दर्जा देने से जुड़ी हो सकती है।
बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह, विधानसभा अध्यक्ष ठोकचोम सत्यव्रत सिंह और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष ए. शारदा देवी भी मौजूद रहे।
साथ ही मुख्य सचिव पुनीत कुमार गोयल, डीजीपी राजीव सिंह और सुरक्षा सलाहकार कुलदीप सिंह जैसे वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हुए।
सुरक्षा व्यवस्था कड़ी
प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा को देखते हुए सुरक्षा इंतजाम पुख्ता कर दिए गए हैं। सेना और असम राइफल्स के वरिष्ठ अधिकारियों ने इम्फाल के कांगला फोर्ट का जायजा लिया, जहां पीएम का सार्वजनिक कार्यक्रम प्रस्तावित है। वहीं, चुराचांदपुर के पीस ग्राउंड में भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा तैनाती पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
यह मोदी का मई 2023 में भड़की जातीय हिंसा के बाद मणिपुर का पहला दौरा होगा। चुराचांदपुर और इम्फाल, दोनों जगहों पर हजारों लोगों के जुटने की उम्मीद है। पिछले सात महीने से मणिपुर में राष्ट्रपति शासन लागू है—इस पर सरकार क्या निर्णय लेगी, यह देखना अहम होगा।
विश्वास बहाली और विकास का संदेश
विश्लेषकों का मानना है कि प्रधानमंत्री की यह यात्रा राज्य के दोनों प्रमुख समुदायों—मैतेई और कुकी-जो—के बीच विश्वास बहाली की दिशा में अहम संदेश साबित हो सकती हैl और पीएम मोदी विकास को को लेकर भी कुछ घोषणाएं कर सकते है
असम का दौरा भी तय
मणिपुर यात्रा के बाद प्रधानमंत्री मोदी गुवाहाटी जाएंगे। यहां वे भूपेन हजारिका की जन्मशताब्दी समारोह में शामिल होंगे और अगले दिन दर्रांग जिले में नए मेडिकल कॉलेज तथा गुवाहाटी रिंग रोड जैसी बड़ी परियोजनाओं का शिलान्यास करेंगे।
Reported by:- निखिल रस्तोगी




