केंद्र सरकार द्वारा घोषित जीएसटी 2.0 के नए टैक्स स्लैब 22 सितंबर 2025 से लागू हो गए हैं। इस बदलाव का सबसे बड़ा असर ऑटोमोबाइल सेक्टर पर पड़ा है, जहाँ गाड़ियों की कीमतों में सीधी कटौती देखने को मिली है। सरकार ने पुरानी जटिल दरों को सरल बनाते हुए उच्च टैक्स स्लैब को घटाकर 18% और 5% जैसे कम स्लैबों में समाहित किया है। इस फैसले से छोटी गाड़ियों और 350 सीसी तक की मोटरसाइकिलों पर कर बोझ काफी कम हो गया है।
नई व्यवस्था के बाद कम्यूटर सेगमेंट की बाइक और स्कूटर अब पहले की तुलना में हजारों रुपये सस्ते हो गए हैं। कई लोकप्रिय दोपहिया मॉडलों की एक्स-शोरूम कीमतें अब लगभग ₹55,000 से शुरू हो रही हैं, जो मध्यमवर्ग और ग्रामीण उपभोक्ताओं के लिए बड़ी राहत मानी जा रही है। इसी तरह कार सेगमेंट में भी ग्राहकों को भारी लाभ मिला है। छोटी और मिड-साइज़ कारों पर औसतन ₹50,000 से ₹85,000 तक की बचत हो रही है, जबकि कुछ बड़े मॉडलों पर कीमतों में ₹3.50 लाख तक की कटौती दर्ज की गई है। उदाहरण के तौर पर टोयोटा फॉर्च्यूनर जैसे बड़े मॉडल की कीमत में सबसे अधिक गिरावट देखने को मिली है।
ऑटोमोबाइल कंपनियों ने सरकार के फैसले के तुरंत बाद नई एक्स-शोरूम कीमतें जारी कर दी हैं। टाटा, मारुति, महिंद्रा, हुंडई, किया और टोयोटा जैसे बड़े ब्रांडों ने अपने लोकप्रिय मॉडलों पर संशोधित दरें लागू की हैं और दावा किया है कि टैक्स कटौती का पूरा फायदा ग्राहकों तक पहुंचाया जा रहा है। हालांकि, प्रीमियम और लग्ज़री सेगमेंट में अलग से लागू 40% टैक्स दर के कारण वहाँ पर कीमतों में सीमित बदलाव देखने को मिलेगा।
आर्थिक विश्लेषकों का मानना है कि यह कदम त्योहारों के सीजन में ऑटोमोबाइल की बिक्री को गति देगा और इससे न केवल गाड़ियों की डिमांड बढ़ेगी बल्कि फाइनेंस, बीमा और सर्विसिंग सेक्टर को भी मजबूती मिलेगी। दूसरी ओर, ग्राहकों को यह भी ध्यान रखना होगा कि एक्स-शोरूम कीमत में हुई कटौती का असर ऑन-रोड कीमत पर पूरी तरह समान नहीं होता, क्योंकि इसमें आरटीओ चार्ज, इंश्योरेंस और अन्य शुल्क जुड़ जाते हैं।
कुल मिलाकर, जीएसटी 2.0 के तहत लागू नई टैक्स दरों ने कार और बाइक खरीदारों को सीधे तौर पर राहत दी है। अब कम्यूटर बाइकें और स्कूटर अधिक किफायती हो गए हैं और लोकप्रिय कार मॉडल लाखों रुपये तक सस्ते हो चुके हैं। ऐसे में यह समय वाहन खरीदने वालों के लिए सबसे उपयुक्त माना जा रहा है।




