उत्तर प्रदेश में महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए चलाए जा रहे मिशन शक्ति 5.0 अभियान के तहत मझवां विकासखंड में एक अनूठी पहल देखने को मिली। इस अभियान के तहत रिमझिम नामक बालिका को एक दिन के लिए खंड शिक्षा अधिकारी (BEO) के रूप में नियुक्त किया गया। रिमझिम ने मझवां स्थित खंड शिक्षा कार्यालय का निरीक्षण किया और शिक्षा व्यवस्था की जमीनी हकीकत को समझने का प्रयास किया।
एक दिन के लिए खंड शिक्षा अधिकारी बने रिमझिम ने कार्यालय में मौजूद कर्मचारियों से संवाद स्थापित किया और शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए सुझाव भी दिए। इस पहल का उद्देश्य बालिकाओं में नेतृत्व क्षमता का विकास करना और उन्हें प्रशासनिक कार्यों से अवगत कराना था। इससे यह संदेश भी गया कि बालिकाएं प्रशासनिक कार्यों में भी सक्रिय भूमिका निभा सकती हैं।
मिशन शक्ति 5.0 अभियान का लक्ष्य महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन को बढ़ावा देना है। प्रदेशभर में इस अभियान के तहत बालिकाओं को आत्मरक्षा प्रशिक्षण, जागरूकता रैलियां और पोस्टर प्रतियोगिताओं जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। अब तक लगभग 1.61 लाख बालिकाओं को आत्मरक्षा का प्रशिक्षण दिया गया है और 88 हजार से अधिक छात्राओं ने पोस्टर प्रतियोगिताओं में भाग लिया है। प्रदेश के 1,647 थानों में महिला सुरक्षा केंद्र स्थापित किए गए हैं, जिनका उद्घाटन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया और महिला सुरक्षा से जुड़ी विभिन्न योजनाओं का शुभारंभ भी किया।
रिमझिम की इस पहल ने समाज में सकारात्मक संदेश फैलाया है। इससे अन्य बालिकाओं को भी प्रेरणा मिली है और वे अपने अधिकारों के प्रति अधिक जागरूक हो रही हैं। मझवां में रिमझिम द्वारा किया गया यह निरीक्षण मिशन शक्ति 5.0 अभियान की सफलता की ओर एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जो दिखाता है कि बालिकाओं को अवसर देने से समाज में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है।




