भारत निर्वाचन आयोग ने आगामी चुनावों की मतगणना प्रक्रिया को लेकर महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए हैं। नए नियमों के अनुसार, सबसे पहले पोस्टल बैलेट (डाक मतपत्र) की गिनती की जाएगी, उसके बाद इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) में डाले गए वोटों की गिनती शुरू होगी।
पोस्टल बैलेट की प्राथमिकता
निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि पोस्टल बैलेट की गिनती पहले की जाएगी, भले ही EVM की गिनती चल रही हो। यदि पोस्टल बैलेट की गिनती पूरी नहीं हुई है और EVM की गिनती समाप्ति की ओर है, तो EVM की गिनती रोक दी जाएगी और पहले पोस्टल बैलेट की गिनती पूरी की जाएगी। इसके बाद ही EVM के वोटों की गिनती शुरू होगी।
EVM और पोस्टल बैलेट की गिनती की प्रक्रिया
पोस्टल बैलेट की गिनती: सर्वप्रथम पोस्टल बैलेट की गिनती की जाएगी।
EVM की गिनती: पोस्टल बैलेट की गिनती पूरी होने के बाद EVM में डाले गए वोटों की गिनती शुरू होगी।
मतगणना स्थल पर सुरक्षा और निगरानी
मतगणना प्रक्रिया के दौरान सुरक्षा और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए विशेष उपाय किए गए हैं। मतगणना स्थल पर मोबाइल फोन, माचिस, लाइटर, चाकू, पान, गुटखा, सिगरेट आदि सामग्री लेकर जाना प्रतिबंधित किया गया है। इसके अतिरिक्त, प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में 14 टेबल लगाई जाएंगी, जिन पर एक-एक प्रत्याशी का एजेंट मौजूद रहेगा। मतगणना राउंडवार होगी, और एक राउंड में 15 से 20 मिनट का समय लगेगा।
EVM और पोस्टल बैलेट की गिनती में पारदर्शिता
निर्वाचन आयोग ने मतगणना की प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए EVM और पोस्टल बैलेट की गिनती में सभी दिशा-निर्देशों का पालन करने का निर्देश दिया है। इसके तहत, ईवीएम की कंट्रोल यूनिट सीसीटीवी निगरानी में रहेगी, और कंट्रोल यूनिट का वेरिफिकेशन किया जाएगा। इसके अलावा, ईवीएम सील करते समय जो पर्ची और टैग लगाया जाता है, उसे वेरिफिकेशन के लिए सभी मतगणना एजेंटों को दिखाया जाएगा।
इन नए दिशा-निर्देशों के तहत, निर्वाचन आयोग ने मतगणना प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने का प्रयास किया है, ताकि जनता का विश्वास निर्वाचन प्रक्रिया में बना रहे।




