अयोध्या में CM योगी ने वाल्मीकि और निषाद समाज के साथ मनाई दिवाली, बच्चों को बांटे उपहार

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अयोध्या में दीपोत्सव के दूसरे दिन एक भव्य और सामाजिक समरसता का प्रतीक कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निषाद और वाल्मीकि समाज के लोगों के साथ दीपावली का पर्व मनाया। कार्यक्रम की शुरुआत उन्होंने सरयू अतिथि गृह से हनुमानगढ़ी मंदिर जाकर भगवान हनुमान के दर्शन और पूजा-अर्चना से की। इसके बाद वे रामलला के दरबार में पहुंचे, जहां उन्होंने विशेष पूजा कर प्रदेशवासियों की खुशहाली की कामना की।

रामलला के दर्शन के बाद मुख्यमंत्री योगी ने वाल्मीकि समाज के लोगों से मुलाकात की और उनके साथ दीपावली का आनंद साझा किया। इसके पश्चात उन्होंने कंधरपुर स्थित निषाद बस्ती का दौरा किया, जहां उन्होंने निषाद समाज के लोगों से संवाद किया और बच्चों तथा बुजुर्गों को उपहार और मिठाइयाँ वितरित कीं। इस अवसर पर उन्होंने लोगों से कहा कि प्रभु श्रीराम की नगरी में किसी भी घर का दीपक बुझा न रहे, और यही सरकार की प्राथमिकता है।

इस वर्ष के दीपोत्सव में अयोध्या ने 29 लाख 25 हजार 051 दीपों के साथ नया गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड भी स्थापित किया। इनमें से 26 लाख 17 हजार 215 दीप लगातार जलते रहे, जो एक नया वैश्विक कीर्तिमान है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस आयोजन को 500 वर्षों के संघर्ष की परिणति बताया और कहा कि यह विजय उन लोगों की है जिन्होंने भगवान राम के लिए संघर्ष किया। उन्होंने अयोध्या को रामराज्य के सपने के रूप में प्रस्तुत किया और मंदिर निर्माण, सांस्कृतिक पुनर्जागरण तथा पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया।

इस भव्य आयोजन ने अयोध्या को न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र बनाया, बल्कि सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक धरोहर को भी मजबूती देने में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ। बच्चों, बुजुर्गों और समाज के विभिन्न वर्गों के साथ दीपावली की खुशियाँ साझा करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यह संदेश दिया कि अयोध्या की विरासत और संस्कृति हर नागरिक की प्राथमिकता है और इसे समावेशी दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ाना आवश्यक है।

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