योगी ने साधा निशाना: कुछ लोगों ने राम के अस्तित्व तक को नकारा, लेकिन अयोध्या अमर है

SHARE:

दीपोत्सव के अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या की पावन नगरी में आयोजित भव्य समारोह के दौरान ऐतिहासिक और भावनात्मक संबोधन दिया। रामलला के दरबार में पूजा-अर्चना करने के बाद उन्होंने जनसमुदाय को संबोधित करते हुए कहा कि “अयोध्या को पहले लूटा गया, फिर इसके स्वरूप को विकृत किया गया और अंततः कुछ लोगों ने इसके अस्तित्व तक को नकारने का प्रयास किया।” उन्होंने कहा कि आज वही अयोध्या विश्वभर में भारतीय संस्कृति और आस्था का प्रतीक बन चुकी है, जो अब विभाजन नहीं बल्कि एकता, प्रेम और समरसता का संदेश देती है।

सीएम योगी ने दीपोत्सव को केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं बल्कि राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि अयोध्या अब न केवल उत्तर प्रदेश की पहचान है बल्कि भारत की आत्मा का दर्पण बन चुकी है। यह शहर अब जोड़ने का कार्य कर रहा है — चाहे वह समाज के विभिन्न वर्ग हों या देश के अलग-अलग हिस्सों से आने वाले श्रद्धालु। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे दीपावली को केवल रोशनी तक सीमित न रखें बल्कि प्रेम, सद्भाव और भाईचारे का दीप हर घर में जलाएँ। मुख्यमंत्री ने कहा कि गरीबों और वंचितों के घरों तक खुशियों की यह रौशनी पहुँचाना ही असली दीपोत्सव है।

इस वर्ष के दीपोत्सव-2025 ने भव्यता के नए आयाम स्थापित किए। सरयू घाट से लेकर राम की पैड़ी तक दीपों की अविरल श्रृंखला ने पूरा अयोध्या नगरी को स्वर्णिम आभा से आलोकित कर दिया। लगभग 26 लाख से अधिक दीयों के प्रज्ज्वलन के साथ अयोध्या ने एक और विश्व रिकॉर्ड कायम किया। हज़ारों साधु-संतों, पुरोहितों और श्रद्धालुओं ने एकसाथ सरयू मैया की आरती में भाग लेकर इस आयोजन को ऐतिहासिक बना दिया। इस अवसर पर ड्रोन और लेज़र शो के माध्यम से ‘रामायण’ की झलकियाँ प्रदर्शित की गईं, जिससे उपस्थित लोग मंत्रमुग्ध हो उठे।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दीपोत्सव के अवसर पर न केवल रामलला के दर्शन किए बल्कि अयोध्या के विभिन्न हिस्सों का भ्रमण भी किया। उन्होंने निषाद और वाल्मीकि समाज के परिवारों से मुलाकात की, बच्चों को मिठाइयाँ और उपहार दिए तथा उनके घरों में दीप जलाकर उन्हें त्योहार की शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि स्वच्छ, सुंदर और विकसित अयोध्या का श्रेय स्थानीय जनता और सरकार के सामूहिक प्रयासों को जाता है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे प्रदूषण और आग के खतरों से बचाव के लिए जिम्मेदारी से दीपावली मनाएँ।

अपने संबोधन में सीएम योगी ने अयोध्या के ऐतिहासिक संघर्षों का उल्लेख करते हुए कहा कि सदियों तक यहां की पहचान को मिटाने का प्रयास किया गया। मुग़लों और अंग्रेज़ों के शासनकाल में सांस्कृतिक विरासत को नष्ट करने की कोशिशें हुईं और बाद में कुछ राजनीतिक दलों ने तो राम के अस्तित्व पर ही सवाल उठा दिए। उन्होंने कहा कि आज का भारत और आज की अयोध्या उन विकृतियों से ऊपर उठ चुकी है। अब यह नगरी केवल धर्म का नहीं बल्कि राष्ट्र की एकता का प्रतीक बन चुकी है।

दीपोत्सव के दौरान अयोध्या में पारंपरिक संस्कृति के साथ आधुनिक तकनीक का भी समावेश देखने को मिला। रोशनी से सजे मंदिरों, घाटों और गलियों के बीच लेज़र और ड्रोन शो ने कार्यक्रम को एक नया आयाम दिया। प्रशासन ने सुरक्षा और यातायात व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया ताकि लाखों श्रद्धालु सुरक्षित वातावरण में कार्यक्रम का आनंद ले सकें। इस आयोजन से स्थानीय कलाकारों, कुम्हारों और शिल्पकारों को भी रोजगार मिला, जिससे पारंपरिक कला को नई पहचान मिली।

समारोह के अंत में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाज में शांति और सौहार्द की अपील की। उन्होंने कहा कि दीपोत्सव प्रकाश का पर्व है, जो अंधकार पर प्रकाश और असत्य पर सत्य की विजय का प्रतीक है। हर व्यक्ति का एक दीप अयोध्या की खुशहाली का हिस्सा बने, यही इस पर्व का संदेश है। उन्होंने कहा कि जब विकास और संस्कृति एक साथ चलते हैं, तभी समाज में वास्तविक प्रगति संभव होती है — और आज की अयोध्या इसी विचार का सजीव उदाहरण है।

इस प्रकार अयोध्या का दीपोत्सव-2025 धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक परंपरा और सामाजिक एकता का अद्भुत संगम बन गया। योगी आदित्यनाथ के भावनात्मक संबोधन और आयोजन की अभूतपूर्व भव्यता ने इस वर्ष के दीपोत्सव को ऐतिहासिक बना दिया। रोशनी, श्रद्धा और आत्मगौरव से सराबोर यह अयोध्या आज पूरे विश्व को यह संदेश दे रही है कि जब समाज जोड़ता है, तब ही सच्चे अर्थों में प्रकाश फैलता है।

Leave a Comment