वोटिंग से पहले शाह का बड़ा ऐलान: डिफेंस कॉरिडोर, नई रेललाइन और औद्योगिक पार्क का वादा

SHARE:

बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण के मतदान से ठीक पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राज्य में विकास की झड़ी लगाते हुए कई बड़ी घोषणाएँ कीं। दरभंगा, सीतामढ़ी और मधुबनी में आयोजित रैलियों के दौरान शाह ने कहा कि अगर एनडीए की सरकार बनी तो बिहार में डिफेंस कॉरिडोर स्थापित किया जाएगा, जिससे राज्य रक्षा उत्पादन का एक प्रमुख केंद्र बनेगा और स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे। उन्होंने कहा कि बिहार का सामरिक महत्व और यहाँ की युवा आबादी देश के रक्षा उद्योग में अहम भूमिका निभा सकती है।

अमित शाह ने अपने भाषण में बुनियादी ढाँचे से जुड़ी कई परियोजनाओं का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि एनडीए सरकार बनने पर राज्य में नई रेललाइन, वंदे भारत ट्रेन कनेक्शन, आईटी पार्क, आईआईएम जैसी शैक्षणिक संस्थाएँ और औद्योगिक पार्क स्थापित किए जाएंगे। मिथिला क्षेत्र के विकास को प्राथमिकता देते हुए शाह ने घोषणा की कि सीतामढ़ी से जुड़ा रामायण सर्किट पर्यटन का बड़ा केंद्र बनेगा, जिसमें पुनौराधाम और जनकपुर जैसे धार्मिक स्थलों को एक साथ जोड़कर धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा दिया जाएगा।

इसके अलावा शाह ने राज्य में बार-बार आने वाली बाढ़ की समस्या पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि एनडीए सरकार बनने के बाद एक विशेष बाढ़ नियंत्रण आयोग बनाया जाएगा, जो दीर्घकालिक समाधान तैयार करेगा। उन्होंने यह भी कहा कि बंद पड़ी चीनी मिलों को फिर से चालू किया जाएगा और राज्य के विभिन्न जिलों में 10 नए औद्योगिक पार्क बनाए जाएंगे, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

जन कल्याण योजनाओं की चर्चा करते हुए अमित शाह ने कहा कि किसानों के लिए प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की राशि बढ़ाई जाएगी और महिला सशक्तिकरण योजनाओं जैसे “जीविका दीदी” कार्यक्रमों को और मजबूत किया जाएगा। उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के क्षेत्र में निवेश बढ़ाने की बात कही ताकि बिहार के युवाओं को राज्य के भीतर ही पर्याप्त अवसर मिल सकें।

अपने भाषण में शाह ने विपक्ष पर तीखा हमला करते हुए कहा कि बिहार को “वंशवादी राजनीति” से मुक्त कर विकास के रास्ते पर लाना एनडीए की प्राथमिकता है। उन्होंने तेजस्वी यादव और उनके परिवार पर निशाना साधते हुए मतदाताओं से अपील की कि वे “विकास बनाम वंशवाद” की लड़ाई में सही विकल्प चुनें।

अमित शाह की इन घोषणाओं के साथ बिहार में चुनावी माहौल और गर्म हो गया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि डिफेंस कॉरिडोर, रामायण सर्किट और नई रेललाइन जैसे वादे न केवल राज्य की अर्थव्यवस्था को नई दिशा दे सकते हैं, बल्कि एनडीए के लिए एक बड़ा चुनावी एजेंडा भी बन सकते हैं। हालांकि इन परियोजनाओं के क्रियान्वयन के लिए केंद्र और राज्य सरकार के बीच समन्वय, बजट और भूमि अधिग्रहण जैसे मुद्दे प्रमुख रहेंगे।

Leave a Comment