उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य में जमीन-जायदाद पर अवैध कब्जा करने वाले माफियाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई का ऐलान किया है। उन्होंने स्पष्ट संदेश देते हुए कहा कि जो भी लोग गरीबों या कमजोर वर्गों की संपत्तियों पर कब्जा करेंगे, उनका अब “बुरा हश्र” होगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि हजरतगंज और डालीबाग जैसे प्रमुख क्षेत्रों में जिन माफियाओं से सरकारी और निजी भूमि को मुक्त कराया गया, वहां अब आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए आवास बनाए जा रहे हैं और इन घरों की चाबियाँ पात्र लाभार्थियों को सौंपी जा रही हैं। यह कदम राज्य सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति का हिस्सा है, जिसके तहत अपराध और माफिया गतिविधियों पर पूरी तरह नकेल कसने का लक्ष्य रखा गया है।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अवैध संपत्तियों को जब्त कर समाज के जरूरतमंद वर्गों के हित में इस्तेमाल किया जाएगा। सरकार ने साफ कर दिया है कि अब प्रदेश में माफिया राज या जमीन हड़पने की मानसिकता को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कानून-व्यवस्था को सशक्त बनाते हुए सरकार ऐसी संपत्तियों को जब्त कर आवास योजनाओं, सार्वजनिक परियोजनाओं और गरीबों के कल्याण के लिए उपयोग में ला रही है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि यदि किसी ने गरीबों की जमीन या सरकारी भूमि पर कब्जा किया है, तो तुरंत कार्रवाई कर उसे मुक्त कराया जाए और संबंधित माफिया के खिलाफ कठोर कानूनी कदम उठाए जाएं।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि आज उत्तर प्रदेश “असीमित संभावनाओं वाला राज्य” बन चुका है। उन्होंने जोर देकर कहा कि बीते वर्षों में राज्य ने ‘बीमारू प्रदेश’ की छवि को पीछे छोड़ते हुए उद्योग, निवेश, बुनियादी ढांचे और रोजगार के क्षेत्र में बड़ी प्रगति की है। बेहतर कानून-व्यवस्था और स्पष्ट नीतियों के कारण निवेशक अब भरोसे के साथ प्रदेश में आ रहे हैं। योगी ने कहा कि यह नया उत्तर प्रदेश है—जहां अपराधियों की संपत्ति समाज के हित में लगाई जा रही है और विकास की रफ्तार पहले से कहीं तेज हो चुकी है।




