यूपी में बकाया बिल पर बड़ा कदम: 50 हजार की देनदारी पर कनेक्शन काटने की मुहिम शुरू

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उत्तर प्रदेश में बिजली विभाग ने बकाया वसूली को लेकर सख्ती बढ़ा दी है और इसी के तहत उन सभी उपभोक्ताओं की पहचान पूरी कर ली गई है जिनका बिजली बिल पचास हजार रुपये या उससे अधिक बकाया चल रहा है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, ऐसे कनेक्शनों पर अब किसी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जाएगी और आज से विशेष टीमें घर-घर जाकर बकाया वसूली, नोटिस वितरण और आवश्यकता पड़ने पर बिजली आपूर्ति काटने की कार्रवाई शुरू कर देंगी। कई जिलों में बीते कुछ महीनों से लगातार बढ़ते बकाया को ध्यान में रखते हुए सरकार ने वितरण निगमों को निर्देश दिया है कि सबसे पहले उन खातों पर कार्रवाई करें जहां लंबे समय से भुगतान नहीं किया गया है और राशि बढ़कर लाखों तक पहुंच गई है।

निगम की फील्ड टीमें सुबह से ही उपभोक्ताओं के घरों पर जाकर बकाया की जानकारी साझा कर रही हैं और जहां तत्काल भुगतान नहीं किया जा रहा, वहां कनेक्शन डिस्कनेक्ट किए जा रहे हैं। अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया है कि तीन से छह महीने तक लगातार बिल न भरने वाले उपभोक्ताओं की संख्या तेजी से बढ़ी है, जिससे विभाग पर राजस्व दबाव बना हुआ है। इसी वजह से अभियान तेज किया गया है ताकि बिजली व्यवस्था सुचारु रहे और वित्तीय नुकसान को रोका जा सके। कई जिलों में पहले ही नोटिस दिए जा चुके हैं, और अब फील्ड स्टाफ को निर्देश है कि वे मौके पर जाकर मीटर खोलने या लाइन काटने तक की कार्रवाई करने में हिचकिचाएँ नहीं।

हालांकि विभाग ने इस सख्ती के बीच उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए एक विशेष योजना भी शुरू की है। रिपोर्टों के अनुसार, राज्य सरकार और बिजली निगमों ने बड़ी राशि के बकायेदारों के लिए एकमुश्त भुगतान पर सरचार्ज में सौ प्रतिशत और मूल बकाया पर भी महत्वपूर्ण छूट देने का फैसला किया है। यह योजना सीमित अवधि के लिए लागू की गई है ताकि जिन उपभोक्ताओं पर लंबे समय से भारी बकाया है, वे आसानी से राशि चुका सकें और कनेक्शन काटे जाने से बच सकें। अधिकारिक सूत्रों का कहना है कि यह छूट योजना निगमों के लिए राजस्व बढ़ाने और उपभोक्ताओं को आर्थिक राहत देने, दोनों उद्देश्य पूरे करेगी।

प्रशासन का कहना है कि बकाया बढ़ने से व्यवस्था पर भार पड़ता है और ऐसे उपभोक्ता जो नियमित भुगतान करते हैं, वे भी अप्रत्यक्ष रूप से प्रभावित होते हैं। इसलिए बड़े बकायेदारों के खिलाफ कड़ा कदम जरूरी था। वहीं, उपभोक्ताओं को सलाह दी जा रही है कि वे अपना बिल स्टेटस ऑनलाइन या नजदीकी बिजली कार्यालय में जाकर तुरंत जांच लें और यदि बकाया राशि अधिक है तो राहत योजना का लाभ उठाकर एकमुश्त भुगतान करें। भुगतान न करने पर कनेक्शन कटने की कार्रवाई किसी भी समय हो सकती है, इसलिए उपभोक्ताओं को नोटिस मिलने के बाद जल्द निर्णय लेना बेहतर होगा। प्रशासन का उद्देश्य है कि कठोरता और राहत, दोनों के संतुलन के साथ बिजली आपूर्ति की आर्थिक और तकनीकी स्थिति को मजबूत बनाया जा सके।

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