केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा है कि भारत आज वैश्विक निवेशकों के लिए सबसे आकर्षक गंतव्यों में से एक बन चुका है और विशेष रूप से इस्राइल की कंपनियों के लिए यहाँ व्यापक अवसर मौजूद हैं। वे 20 से 22 नवंबर तक इस्राइल के आधिकारिक दौरे पर रहेंगे, जहाँ वे उच्चस्तरीय सरकारी प्रतिनिधियों, उद्योगपतियों और तकनीकी संस्थानों से मुलाकात करेंगे। गोयल इस तीन दिवसीय यात्रा के दौरान एक बड़े भारतीय व्यापार प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे हैं, जिसका उद्देश्य दोनों देशों के बीच आर्थिक साझेदारी को नए आयाम देना है। उन्होंने यात्रा से पहले दिए गए बयान में बताया कि भारत बुनियादी ढांचे के विकास, उन्नत विनिर्माण, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, कृषि तकनीक, जल संरक्षण, साइबर सुरक्षा, स्वास्थ्य अनुसंधान, स्मार्ट मोबिलिटी और रक्षा नवाचार जैसे क्षेत्रों में इस्राइली कंपनियों का स्वागत करता है।
भारत-इस्राइल आर्थिक संबंधों में पिछले कुछ वर्षों में उल्लेखनीय प्रगति हुई है, हालांकि कुछ व्यापारिक क्षेत्रों में उतार-चढ़ाव भी देखने को मिले हैं। फिर भी भारत सरकार का मानना है कि नई नीतिगत सुगमता, इंफ्रास्ट्रक्चर में तेज़ी से बढ़ते निवेश और तकनीकी साझेदारी की बढ़ती संभावनाएँ आने वाले समय में दोनों देशों के बीच निवेश और व्यापार को नई गति प्रदान करेंगी। पीयूष गोयल इस अवसर पर मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर हो रही प्रगति की भी समीक्षा करेंगे ताकि दोनों देशों के उद्योग जगत को अधिक पारदर्शी और अनुकूल व्यापारिक ढांचा मिल सके।
मंत्रालय के अनुसार गोयल इस दौरे में इस्राइल के प्रमुख नवाचार केंद्रों और शोध संस्थानों का भी भ्रमण करेंगे, जहाँ वे उन्नत तकनीकों और समाधानों को समझने के साथ यह भी देखेंगे कि वे भारत के विकास मॉडल में कैसे समाहित किए जा सकते हैं। भारत की ओर से इस दौरे में “निवेश के 10 प्रमुख स्तंभ”—जिनमें विकास, डिजिटलीकरण, डिकार्बोनाइजेशन, लोकतंत्र, मांग और नवाचार जैसे तत्व शामिल हैं—को प्रस्तुत किया जा रहा है ताकि इस्राइली निवेशकों को भारत की दीर्घकालिक स्थिरता और क्षमता का स्पष्ट संदेश मिल सके। सरकार का मानना है कि यह यात्रा आर्थिक सहयोग को अगले स्तर तक ले जाएगी और द्विपक्षीय संबंधों में और गहराई लाएगी।




