गोरखपुर — शनिवार, [तारीख: 29 नवम्बर 2025] को, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने गोरखनाथ मंदिर परिसर में आयोजित जनता‑दर्शन में आम नागरिकों के साथ संवाद किया और उनकी समस्याएं सुनीं। इस दौरान लगभग 200 लोग अपनी फरियाद लेकर आए थे।
जनता दर्शन में लोगों ने सबसे ज्यादा स्वास्थ्य, इलाज‑कुशलता, आर्थिक मदद, जमीन व कब्जा, पेंशन / राशन‑कार्ड, बेरोजगारी, सामाजिक सुविधाओं आदि से जुड़ी शिकायतें रखीं। कई ऐसे भी लोग थे जिनके परिजन गम्भीर बीमारियों से जूझ रहे थे और आर्थिक तंगी के कारण बेहतर इलाज नहीं करवा पा रहे थे।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इन सब मामलों में सरकार की तरफ से पूरा सहयोग देने का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि “जो गंभीर बीमारियाँ हैं, उनका इलाज कराने में आर्थिक तंगी को सहना नहीं पड़ेगा” — राज्य सरकार इलाज का पूरा खर्च वहन करेगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इलाज के लिए अस्पताल से एस्टिमेट तैयार कर तुरंत फंड जारी किया जाए।
सिर्फ इलाज ही नहीं — उन्होंने यह भी सुनिश्चित किया कि अन्य सामाजिक-जनसुविधाओं, जैसे कि राशन कार्ड, पेंशन, जमीन विवाद, कब्जा, बेघर परिवारों की समस्याओं को भी प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने अधिकारियों को आदेश दिया कि शिकायतों का समाधान पारदर्शी, त्वरित और न्यायपूर्ण ढंग से किया जाए।
मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि सरकार “गरीब, जरूरतमंद, व असहाय” नागरिकों के साथ है — उन्हें डरने या पीछे हटने की कोई जरूरत नहीं है। उन्होंने इस बात का विश्वास दिलाया कि जन‑दर्शन के माध्यम से उठाई गई हर शिकायत का समय पर समाधान किया जाएगा, और किसी के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा।
यह जनता‑दर्शन सिर्फ एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि नागरिकों और प्रशासन के बीच सीधा संवाद है — जहां जनता की सुनवाई होती है, उनकी आशाओं को जाना जाता है, और वास्तविक मदद का वादा किया जाता है। इस पहल से यह संदेश फिर‑से गया कि राज्य सरकार न्याय, स्वास्थ्य और रोजगार जैसी मूलभूत ज़रूरतों को प्राथमिकता देती है।
इस कार्यक्रम में जिन लोगों ने शिकायतें रखीं, उनमें अनेक ऐसे थे जो आर्थिक और सामाजिक रूप से कमजोर थे। सरकार की ओर से इलाज, राशन, पेंशन, जमीन से जुड़ी समस्याओं का त्वरित समाधान — इससे उन लोगों की जिंदगी में राहत आने की संभावना है।
जनता‑दर्शन के बाद अधिकारियों को आदेश दिए गए हैं कि वे शिकायतों को प्राथमिकता से देखें, निस्पक्षता बरतें और जितनी जल्दी हो सके समस्याओं का समाधान करें। जिससे आम नागरिकों को बार‑बार दफ्तरों में धक्के खाने न पड़ें और सरकार की योजनाएं व मदद सीधे ज़रूरतमंदों तक पहुंचें।




