उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में कहा है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) महामारी और स्वास्थ्य संकटों को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। उन्होंने बताया कि एआई जटिल डेटा पैटर्न की पहचान कर समय रहते महामारी के प्रसार के रुझानों को समझने और रणनीति बनाने में मदद करेगा, जिससे महामारी पर प्रभावी ब्रेक लगाया जा सकेगा। मुख्यमंत्री ने यह भी जोर दिया कि तकनीक का उपयोग मानव‑केन्द्रित होना चाहिए और इसका उद्देश्य समाज की बेहतरी होना चाहिए, न कि मानव पर तकनीक का प्रभुत्व।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि लखनऊ को एआई सिटी के रूप में विकसित करने के प्रयास चल रहे हैं और राज्यभर में सात सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किए जा रहे हैं। इन पहलों का लक्ष्य स्वास्थ्य, कृषि, शिक्षा और प्रशासन जैसे क्षेत्रों में एआई का अधिकतम उपयोग करना है, ताकि डेटा‑आधारित निर्णय, रोग पहचान और नीति निर्माण प्रभावी ढंग से हो सके। इसके साथ ही, राज्य सरकार ने पहले ही टेलीमेडिसिन, ई‑संजीवनी और अन्य डिजिटल हेल्थ प्लेटफॉर्म जैसी कई पहलें शुरू की हैं, जिससे रोगी निगरानी, इलाज की गुणवत्ता और रोगों की जल्दी पहचान में सुधार हुआ है।
मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि तकनीक और एआई को मानवहितैषी दृष्टिकोण के साथ लागू किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर निरंतर निगरानी, डेटा विश्लेषण और तकनीक का सही उपयोग सुनिश्चित किया जाए, तो भविष्य में बड़े पैमाने पर स्वास्थ्य आपदाओं को रोकने और समय पर प्रतिक्रिया देने की क्षमता और अधिक सशक्त बन सकती है। इस अवसर पर तकनीकी और स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने भी महामारी नियंत्रण और एआई‑आधारित समाधान पर अपने अनुभव साझा किए, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि डिजिटल तकनीक भविष्य में स्वास्थ्य सुरक्षा में क्रांतिकारी बदलाव ला सकती




