पोंगल के बाद मकर संक्रांति के पावन अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बार फिर गौ सेवा कर देशवासियों का ध्यान भारतीय संस्कृति और परंपराओं की ओर आकर्षित किया। प्रधानमंत्री अपने आधिकारिक आवास 7, लोक कल्याण मार्ग पर गोवंश को चारा खिलाते और स्नेहपूर्वक उनकी सेवा करते नजर आए। इस दौरान की तस्वीरें उन्होंने सोशल मीडिया पर साझा कीं, जिनमें वे गायों को हरा चारा खिलाते हुए और उन्हें सहलाते हुए दिखाई दे रहे हैं। यह दृश्य भारतीय संस्कृति में गौ माता के प्रति सम्मान और करुणा की भावना को दर्शाता है।
प्रधानमंत्री मोदी ने इस अवसर पर देशवासियों को मकर संक्रांति, पोंगल, लोहड़ी, उत्तरायण और माघ बिहू की शुभकामनाएं भी दीं। उन्होंने अपने संदेश में कहा कि यह पर्व सूर्य के उत्तरायण होने का प्रतीक है और देश के अलग-अलग हिस्सों में विभिन्न नामों और परंपराओं के साथ मनाया जाता है। उन्होंने कामना की कि सूर्य देव सभी के जीवन में सुख, समृद्धि, स्वास्थ्य और खुशहाली लेकर आएं।
मकर संक्रांति पर गौ सेवा को दान-पुण्य और पशु कल्याण का प्रतीक माना जाता है। प्रधानमंत्री द्वारा गोवंश को चारा खिलाने की इस पहल को लोगों ने काफी सराहा और सोशल मीडिया पर भी उनकी तस्वीरों को खूब पसंद किया गया। लोगों का कहना है कि इस तरह की परंपराएं समाज में करुणा, सेवा और प्रकृति के प्रति सम्मान की भावना को मजबूत करती हैं।
गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब प्रधानमंत्री मोदी ने किसी पर्व पर गौ सेवा की हो। इससे पहले पोंगल समेत कई अवसरों पर भी वे गायों की सेवा करते हुए नजर आ चुके हैं। उनकी यह पहल भारतीय संस्कृति, कृषि परंपरा और पशु कल्याण के प्रति उनके गहरे जुड़ाव को दर्शाती है। मकर संक्रांति के इस पावन दिन पर प्रधानमंत्री की गौ सेवा ने त्योहार की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक भावना को और भी खास बना दिया।




