संक्षिप्त दौरे में बड़ा संदेश: भारत-यूएई साझेदारी को मिली नई रफ्तार

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भारत और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के रिश्तों को नई ऊंचाई देने वाला एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक घटनाक्रम सामने आया है। यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान ने भारत का संक्षिप्त लेकिन बेहद अहम दौरा किया, जिसमें दोनों देशों के बीच कई बड़े रणनीतिक और आर्थिक समझौते हुए। इस यात्रा को भारत-यूएई साझेदारी के लिहाज से एक निर्णायक मोड़ माना जा रहा है।

नई दिल्ली पहुंचने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद का गर्मजोशी से स्वागत किया। सीमित समय के इस दौरे के बावजूद दोनों नेताओं के बीच गहन द्विपक्षीय वार्ता हुई, जिसमें व्यापार, ऊर्जा, रक्षा, तकनीक, अंतरिक्ष और निवेश जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर विस्तार से चर्चा की गई। दोनों देशों ने आपसी सहयोग को और मजबूत बनाने के लिए दीर्घकालिक रणनीति पर सहमति जताई।

इस दौरे का सबसे बड़ा परिणाम ऊर्जा क्षेत्र में हुआ समझौता माना जा रहा है। यूएई की सरकारी ऊर्जा कंपनी ADNOC Gas और भारत की हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड के बीच 10 साल का एलएनजी आपूर्ति समझौता हुआ है। इसके तहत यूएई 2028 से हर साल भारत को बड़ी मात्रा में तरलीकृत प्राकृतिक गैस की आपूर्ति करेगा, जिससे भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूती मिलेगी और यूएई भारत का भरोसेमंद ऊर्जा साझेदार बनेगा।

व्यापारिक मोर्चे पर भी दोनों देशों ने बड़ा लक्ष्य तय किया है। भारत और यूएई ने वर्ष 2032 तक अपने द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ाकर 200 अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए निवेश, स्टार्टअप, डिजिटल तकनीक, फिनटेक, लॉजिस्टिक्स और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में सहयोग बढ़ाने की योजना बनाई गई है।

रक्षा और सुरक्षा सहयोग को भी नई दिशा मिली है। दोनों देशों ने रणनीतिक रक्षा साझेदारी को मजबूत करने के लिए समझौता किया है, जिसके तहत रक्षा उत्पादन, प्रशिक्षण, साइबर सुरक्षा और आतंकवाद विरोधी अभियानों में सहयोग बढ़ाया जाएगा। साथ ही, दोनों नेताओं ने आतंकवाद और कट्टरपंथ के खिलाफ साझा लड़ाई लड़ने की प्रतिबद्धता दोहराई।

तकनीक और भविष्य के क्षेत्रों में भी सहयोग को विस्तार दिया गया है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, अंतरिक्ष अनुसंधान, नवीकरणीय ऊर्जा, डिजिटल भुगतान और स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे क्षेत्रों में संयुक्त परियोजनाओं पर सहमति बनी है। इसके अलावा, अबू धाबी में “हाउस ऑफ इंडिया” स्थापित करने की योजना भी बनाई गई है, जिससे सांस्कृतिक और लोगों के बीच संपर्क को और मजबूती मिलेगी।

कुल मिलाकर, राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद का यह संक्षिप्त लेकिन प्रभावशाली दौरा भारत-यूएई रिश्तों को रणनीतिक साझेदारी से आगे बढ़ाकर एक व्यापक और बहुआयामी सहयोग में बदलने की दिशा में एक मजबूत कदम माना जा रहा है। बदलते वैश्विक हालात के बीच दोनों देशों की यह बढ़ती नजदीकी आने वाले वर्षों में आर्थिक, सामरिक और कूटनीतिक स्तर पर नई संभावनाओं के द्वार खोलेगी।

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