भारतीय जनसंघ के प्रमुख विचारक और एकात्म मानव दर्शन के प्रणेता पंडित दीनदयाल उपाध्याय की पुण्यतिथि पर देशभर में उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें नमन करते हुए कहा कि दीनदयाल उपाध्याय के सिद्धांत और आदर्श हर पीढ़ी के लिए मार्गदर्शक हैं। प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में उल्लेख किया कि उपाध्याय जी ने अपना पूरा जीवन राष्ट्रसेवा और समाज के अंतिम व्यक्ति के उत्थान के लिए समर्पित किया। उन्होंने कहा कि ‘अंत्योदय’ और ‘एकात्म मानववाद’ का उनका दर्शन आज भी देश के विकास की दिशा तय करने में प्रेरणा देता है और उनके विचार आने वाली पीढ़ियों को भी मार्गदर्शन देते रहेंगे।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी पंडित दीनदयाल उपाध्याय को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उन्हें अंत्योदय की अवधारणा को जन-जन तक पहुंचाने वाला महान चिंतक बताया। उन्होंने कहा कि समाज की अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक विकास पहुंचाने का विचार ही सच्चे राष्ट्र निर्माण का आधार है, जिसे उपाध्याय जी ने अपने दर्शन में स्पष्ट रूप से रखा। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने उन्हें निस्वार्थ कर्मयोगी और दूरदर्शी नेता बताते हुए कहा कि उनका एकात्म मानव दर्शन विकसित भारत की बुनियाद को मजबूत करने वाला सिद्धांत है और यह विचारधारा आज भी प्रासंगिक है।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित कई अन्य नेताओं ने भी इस अवसर पर उन्हें श्रद्धांजलि दी और कहा कि दीनदयाल उपाध्याय के विचार समाज के समग्र विकास का मार्ग प्रशस्त करते हैं। नेताओं ने अपने संदेशों में इस बात पर जोर दिया कि उनका दर्शन केवल राजनीतिक विचार नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र के संतुलित विकास का व्यापक दृष्टिकोण है। दीनदयाल उपाध्याय का जीवन और उनके सिद्धांत आज भी भारतीय राजनीति और सामाजिक चिंतन को दिशा देने का कार्य कर रहे हैं, और उनकी पुण्यतिथि पर देश ने उन्हें आदरपूर्वक स्मरण किया।




