उत्तर प्रदेश सरकार ने 11 फरवरी 2026 को विधानसभा में वित्त वर्ष 2026-27 का बजट पेश किया। यह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में लगातार दसवां बजट है, जिसे उन्होंने ऐतिहासिक बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि पहली बार किसी मुख्यमंत्री को दस बजट प्रस्तुत करने का अवसर मिला है और यह उपलब्धि राज्य की राजनीतिक स्थिरता तथा विकास के निरंतर संकल्प को दर्शाती है। उनके अनुसार यह बजट समाज के हर वर्ग—किसान, युवा, महिलाएं, मजदूर, व्यापारी और उद्योग जगत—को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।
करीब 9.12 लाख करोड़ रुपये के इस बजट को राज्य के इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा बजट बताया जा रहा है, जो पिछले वर्ष की तुलना में उल्लेखनीय वृद्धि दर्शाता है। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बजट पेश करते हुए कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य राजस्व संतुलन बनाए रखते हुए विकास की गति को तेज करना है। सरकार ने बुनियादी ढांचे, रोजगार सृजन, कृषि विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक कल्याण को प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल किया है।
कृषि क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण प्रावधान किए गए हैं। गन्ना किसानों के हित में मूल्य वृद्धि की घोषणा की गई है, जिससे लाखों किसानों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है। साथ ही कृषि एवं संबद्ध गतिविधियों के लिए बजट में पर्याप्त आवंटन किया गया है। ग्रामीण विकास, सिंचाई, पशुपालन और कृषि आधारित उद्योगों को भी प्रोत्साहन देने पर जोर दिया गया है।
बुनियादी ढांचे के विस्तार के तहत सड़कों, पुलों, औद्योगिक गलियारों और शहरी विकास परियोजनाओं के लिए बड़ी राशि निर्धारित की गई है। पूंजीगत व्यय में वृद्धि कर राज्य में निवेश और रोजगार के नए अवसर सृजित करने की दिशा में कदम उठाए गए हैं। सरकार का दावा है कि इन योजनाओं से प्रदेश की अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी और निजी निवेश को भी प्रोत्साहन मिलेगा।
सामाजिक क्षेत्र में शिक्षा और स्वास्थ्य के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं। चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार, नए अस्पतालों और चिकित्सा संस्थानों की स्थापना तथा कैंसर संस्थान के लिए धन आवंटन की घोषणा की गई है। महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए विभिन्न योजनाएं, कामकाजी महिलाओं के लिए हॉस्टल और विवाह सहायता राशि में वृद्धि जैसे कदम शामिल हैं। युवाओं के लिए रोजगार सृजन को प्राथमिकता देते हुए लाखों रोजगार उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है।
सरकार का कहना है कि बीते वर्षों में उत्तर प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय में वृद्धि और बेरोजगारी दर में कमी दर्ज की गई है। प्रस्तुत बजट को आत्मनिर्भर और विकसित उत्तर प्रदेश के विजन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसे प्रदेश की जनता की आकांक्षाओं का दस्तावेज बताते हुए कहा कि यह बजट समावेशी विकास और सुशासन के संकल्प को आगे बढ़ाने वाला है।




