प्रयागराज, उत्तर प्रदेश। पवित्र पर्व महाशिवरात्रि के अवसर पर प्रयागराज स्थित त्रिवेणी संगम पर आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के संगम तट पर हजारों नहीं, बल्कि लाखों श्रद्धालुओं ने माघ मेले के अंतिम और अत्यंत पुण्यदायी स्नान में भाग लिया। इस वर्ष माघ मेले का समापन महाशिवरात्रि स्नान के साथ हुआ, जिससे धार्मिक उत्साह और भी बढ़ गया। सुबह ब्रह्ममुहूर्त से ही श्रद्धालु संगम घाटों पर पहुंचने लगे और हर-हर महादेव के जयकारों के बीच पवित्र डुबकी लगाकर भगवान शिव का स्मरण किया।
करीब 44 दिनों तक चलने वाले माघ मेला की शुरुआत पौष पूर्णिमा से हुई थी और विभिन्न प्रमुख स्नान पर्वों के बाद इसका समापन महाशिवरात्रि पर हुआ। प्रशासन के अनुमान के अनुसार अंतिम स्नान के दिन लगभग 15 से 16 लाख श्रद्धालुओं ने संगम में आस्था की डुबकी लगाई। पूरे मेला क्षेत्र में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। पुलिस बल, पीएसी और अर्धसैनिक बलों की तैनाती के साथ-साथ ड्रोन कैमरों से निगरानी की व्यवस्था भी की गई। भीड़ प्रबंधन के लिए कई क्षेत्रों को नो-व्हीकल जोन घोषित किया गया और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए अतिरिक्त बसों का संचालन भी किया गया।
महाशिवरात्रि के अवसर पर संगम स्नान के साथ-साथ शहर के प्रमुख शिव मंदिरों में भी श्रद्धालुओं की लंबी कतारें देखने को मिलीं। भक्तों ने शिवलिंग पर जल, दूध, दही और बेलपत्र अर्पित कर भगवान शिव से सुख-समृद्धि और कल्याण की कामना की। धार्मिक अनुष्ठानों, भजन-कीर्तन और साधु-संतों के प्रवचनों से पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा।
माघ मेले के सफल समापन के साथ ही प्रशासन ने व्यवस्थाओं की सराहना की और श्रद्धालुओं ने भी सुव्यवस्थित आयोजन के लिए संतोष व्यक्त किया। महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर संगम स्नान ने एक बार फिर आस्था, श्रद्धा और आध्यात्मिक ऊर्जा का अद्भुत संगम प्रस्तुत किया।




