अयोध्या। राम नवमी 2026 के पावन अवसर पर राम मंदिर में आयोजित सूर्य तिलक समारोह ने देश-विदेश के करोड़ों श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक भावनाओं से सराबोर कर दिया। इस विशेष अवसर पर नरेंद्र मोदी भी वर्चुअल माध्यम से इस ऐतिहासिक आयोजन में शामिल हुए। उन्होंने भगवान श्रीराम के प्रति अपनी गहरी आस्था व्यक्त करते हुए हाथ जोड़कर नमन किया और देशवासियों को राम नवमी की शुभकामनाएं दीं।
राम नवमी, जिसे भगवान श्रीराम के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है, इस वर्ष अयोध्या में विशेष भव्यता के साथ मनाई गई। निर्धारित शुभ मुहूर्त पर दोपहर के समय सूर्य की किरणों को विशेष तकनीक के माध्यम से इस तरह निर्देशित किया गया कि वे सीधे भगवान रामलला के मस्तक पर पड़ीं, जिसे ‘सूर्य तिलक’ कहा जाता है। यह दृश्य कुछ ही मिनटों के लिए दिखाई दिया, लेकिन इसकी दिव्यता और आकर्षण ने उपस्थित श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि विज्ञान और परंपरा के अद्भुत संगम को भी दर्शाता है, जिसमें दर्पण और लेंस की मदद से सूर्य की किरणों को सटीक रूप से केंद्रित किया गया।
इस भव्य आयोजन को देखने के लिए लाखों श्रद्धालु अयोध्या पहुंचे, जबकि देशभर में भी लोग डिजिटल माध्यम और बड़े स्क्रीन के जरिए इस दिव्य क्षण के साक्षी बने। प्रशासन की ओर से सुरक्षा और व्यवस्थाओं के व्यापक इंतजाम किए गए थे, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। पूरे शहर में धार्मिक उत्साह का माहौल देखने को मिला और रामभक्ति में डूबे श्रद्धालु भगवान श्रीराम के जयकारे लगाते नजर आए।
राम नवमी का यह पावन पर्व केवल एक धार्मिक आयोजन ही नहीं, बल्कि भगवान श्रीराम के आदर्शों—सत्य, धर्म और मर्यादा—को जीवन में अपनाने का संदेश भी देता है। इस वर्ष का सूर्य तिलक समारोह भक्ति, आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक दृष्टिकोण का अनूठा संगम बनकर एक ऐतिहासिक पल के रूप में दर्ज हो गया।




