नई दिल्ली: Narendra Modi ने अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 132वें एपिसोड में देशवासियों को संबोधित करते हुए मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि भारत के पड़ोस में भीषण युद्ध जैसी स्थिति बनी हुई है, जिसका प्रभाव केवल क्षेत्रीय स्तर तक सीमित नहीं है बल्कि पूरी दुनिया पर पड़ रहा है। विशेष रूप से पश्चिम एशिया में जारी तनाव और संघर्ष ने वैश्विक शांति और आर्थिक स्थिरता को प्रभावित किया है, जिसके चलते ऊर्जा संसाधनों जैसे पेट्रोल और डीजल पर भी दबाव बढ़ता दिखाई दे रहा है।
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में देशवासियों को आगाह करते हुए कहा कि ऐसे संवेदनशील समय में अफवाहें सबसे बड़ा खतरा बन सकती हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे किसी भी अपुष्ट या भ्रामक जानकारी पर विश्वास न करें और केवल आधिकारिक स्रोतों से प्राप्त सूचनाओं पर ही भरोसा करें। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि अफवाहें न केवल समाज में भ्रम फैलाती हैं बल्कि अनावश्यक डर और अस्थिरता का माहौल भी पैदा करती हैं, इसलिए सभी नागरिकों को जिम्मेदारी और सतर्कता के साथ व्यवहार करना चाहिए।
Narendra Modi ने यह भी जोर दिया कि इस चुनौतीपूर्ण समय में देश को एकजुट रहने की आवश्यकता है। उन्होंने राजनीतिक दलों से भी आग्रह किया कि वे इस मुद्दे पर राजनीति करने से बचें और राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखें। उनका कहना था कि 140 करोड़ भारतीयों की सुरक्षा और देश की स्थिरता सबसे महत्वपूर्ण है, जिसके लिए सभी को मिलकर काम करना होगा।
प्रधानमंत्री ने भरोसा दिलाया कि सरकार स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और हर आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं ताकि देश पर किसी भी प्रकार का नकारात्मक प्रभाव न पड़े। उन्होंने कहा कि भारत अपने मजबूत अंतरराष्ट्रीय संबंधों और रणनीतिक नीतियों के कारण इस संकट का मजबूती से सामना करने में सक्षम है। अंत में उन्होंने देशवासियों से धैर्य, संयम और अनुशासन बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि भारत हमेशा शांति और स्थिरता का समर्थक रहा है और आगे भी वैश्विक स्तर पर शांति के प्रयासों में अपनी भूमिका निभाता रहेगा।




