भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (MPC) ने अप्रैल 2026 की अपनी बैठक में नीतिगत दरों में कोई बदलाव नहीं करते हुए रेपो रेट को 5.25% पर स्थिर रखने का फैसला किया है। आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में समिति ने सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया। इसके साथ ही स्टैंडिंग डिपॉजिट फैसिलिटी (SDF) दर 5.0% और मार्जिनल स्टैंडिंग फैसिलिटी (MSF) दर 5.5% पर बरकरार रखी गई है। केंद्रीय बैंक ने अपनी मौद्रिक नीति का रुख “न्यूट्रल” बनाए रखा है, जिससे भविष्य में परिस्थितियों के अनुसार दरों में बदलाव की गुंजाइश बनी रहे।
इस फैसले का सबसे बड़ा असर आम लोगों पर पड़ा है, क्योंकि ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं होने से होम लोन, ऑटो लोन और अन्य कर्जों की ईएमआई में फिलहाल कोई वृद्धि नहीं होगी। इससे कर्जदारों को राहत मिली है और उनकी मासिक वित्तीय योजना पर अतिरिक्त दबाव नहीं पड़ेगा। हालांकि, फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) में निवेश करने वालों के लिए भी रिटर्न लगभग मौजूदा स्तर पर ही बना रहने की उम्मीद है।
आरबीआई ने यह निर्णय ऐसे समय में लिया है जब वैश्विक आर्थिक परिस्थितियां अनिश्चित बनी हुई हैं। विशेष रूप से पश्चिम एशिया में तनाव और ईरान से जुड़े भू-राजनीतिक घटनाक्रमों के कारण कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है, जिसका असर भारत जैसी आयात-निर्भर अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है। इसके अलावा, खाद्य पदार्थों की कीमतों और अंतरराष्ट्रीय बाजार की अस्थिरता को देखते हुए महंगाई के फिर से बढ़ने का जोखिम बना हुआ है।
हालांकि, आरबीआई ने यह भी संकेत दिया है कि देश की अर्थव्यवस्था मजबूत बनी हुई है और विकास दर संतोषजनक स्तर पर है। वित्त वर्ष 2026-27 के लिए जीडीपी वृद्धि दर लगभग 6.9% रहने का अनुमान जताया गया है, जबकि खुदरा महंगाई दर 4 से 4.6% के दायरे में रह सकती है। केंद्रीय बैंक का मुख्य उद्देश्य महंगाई को नियंत्रण में रखते हुए आर्थिक विकास को गति देना है, इसलिए उसने फिलहाल “वेट एंड वॉच” की रणनीति अपनाई है।
कुल मिलाकर, आरबीआई का यह फैसला स्थिरता बनाए रखने की दिशा में उठाया गया कदम है, जिससे जहां आम लोगों को ईएमआई के मोर्चे पर राहत मिली है, वहीं भविष्य के लिए दरों में संभावित बदलाव का रास्ता भी खुला रखा गया है। आने वाले समय में ब्याज दरों का रुख पूरी तरह से महंगाई, कच्चे तेल की कीमतों और वैश्विक आर्थिक हालात पर निर्भर करेगा।




