भारत और फ्रांस के बीच विशेष रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के उद्देश्य से पेरिस में विदेश कार्यालय परामर्श (Foreign Office Consultations) आयोजित किए गए। इस उच्चस्तरीय बैठक में भारत की ओर से विक्रम मिस्री और फ्रांस की ओर से वरिष्ठ अधिकारी मार्टिन ब्रिएंस ने सह-अध्यक्षता की। बैठक के दौरान दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय संबंधों की व्यापक समीक्षा करते हुए रक्षा, नागरिक परमाणु ऊर्जा, अंतरिक्ष, साइबर और डिजिटल तकनीक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, नवाचार तथा लोगों के बीच संपर्क जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग को और आगे बढ़ाने पर जोर दिया।
इसके साथ ही दोनों देशों ने क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी गहन चर्चा की, जिसमें इंडो-पैसिफिक क्षेत्र की स्थिति, अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा, जलवायु परिवर्तन और बहुपक्षीय सहयोग जैसे विषय प्रमुख रहे। दोनों पक्षों ने साझा हितों और मूल्यों के आधार पर वैश्विक मंचों पर सहयोग बढ़ाने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। इस बैठक में चल रही परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा के साथ-साथ भविष्य की संभावनाओं पर भी विचार-विमर्श किया गया।
यह परामर्श बैठक भारत-फ्रांस के बीच लगातार मजबूत हो रहे संबंधों का महत्वपूर्ण हिस्सा है। हाल के वर्षों में दोनों देशों के बीच रक्षा, अंतरिक्ष और तकनीकी क्षेत्रों में सहयोग तेजी से बढ़ा है। ‘होराइजन 2047’ रोडमैप के तहत दीर्घकालिक साझेदारी को नई ऊंचाइयों तक ले जाने की दिशा में दोनों देश सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं। विदेश मंत्रालय (MEA) के अनुसार, यह बैठक न केवल द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा के लिए अहम मंच साबित हुई, बल्कि भविष्य की प्राथमिकताओं को तय करने में भी महत्वपूर्ण रही।
समग्र रूप से यह स्पष्ट हुआ कि भारत और फ्रांस के बीच यह रणनीतिक साझेदारी केवल द्विपक्षीय सहयोग तक सीमित नहीं है, बल्कि वैश्विक चुनौतियों से निपटने और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर समन्वय बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। यह बैठक यूरोप के साथ भारत के बढ़ते कूटनीतिक जुड़ाव और दोनों देशों के बीच गहरे होते विश्वास को भी दर्शाती है।




