नई दिल्ली में दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति Lee Jae-myung का तीन दिवसीय भारत दौरा सोमवार को औपचारिक कार्यक्रमों के साथ शुरू हुआ, जिसे भारत-दक्षिण कोरिया संबंधों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। राजधानी स्थित Rashtrapati Bhavan में उनका भव्य स्वागत किया गया, जहां भारत की राष्ट्रपति Droupadi Murmu और प्रधानमंत्री Narendra Modi ने उन्हें औपचारिक गार्ड ऑफ ऑनर के साथ अभिवादन किया। इस दौरान पारंपरिक समारोह और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने भारत की समृद्ध विरासत की झलक पेश की, जो इस राजकीय यात्रा की गरिमा को दर्शाता है।
औपचारिक स्वागत के बाद राष्ट्रपति ली Raj Ghat पहुंचे, जहां उन्होंने राष्ट्रपिता Mahatma Gandhi की समाधि पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर उन्होंने शांति, अहिंसा और सहअस्तित्व के गांधीवादी सिद्धांतों को आज के वैश्विक परिदृश्य में प्रासंगिक बताया।
यह दौरा विशेष रूप से इसलिए अहम है क्योंकि लंबे समय बाद किसी दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति का भारत में राजकीय दौरा हो रहा है। यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच “स्पेशल स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप” को और मजबूत करने पर जोर दिया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति ली के बीच होने वाली वार्ता में व्यापार, निवेश, रक्षा, सेमीकंडक्टर, प्रौद्योगिकी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और आपूर्ति श्रृंखला जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के मुद्दों पर विस्तार से चर्चा होने की उम्मीद है। साथ ही, दोनों देश इंडो-पैसिफिक क्षेत्र की स्थिरता, समुद्री सुरक्षा और वैश्विक चुनौतियों पर भी साझा रणनीति बनाने पर विचार करेंगे।
कुल मिलाकर, राष्ट्रपति ली जे-म्युंग का यह भारत दौरा द्विपक्षीय संबंधों को नई दिशा देने वाला माना जा रहा है, जिसमें औपचारिक स्वागत और राजघाट पर श्रद्धांजलि जैसे कार्यक्रम आपसी सम्मान और मजबूत साझेदारी के प्रतीक के रूप में सामने आए हैं।



