अमेरिकी विदेश मंत्री ने पीएम मोदी से की मुलाकात, नई “सपोर्ट एनेक्स बिल्डिंग” का किया उद्घाटन
Reported by: निखिल रस्तोगी
नई दिल्ली: अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रूबियो अपने पद संभालने के बाद पहली बार भारत दौरे पर आए हैं। उनका यह दौरा 23 से 26 मई तक प्रस्तावित है। भारत पहुंचने पर उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से करीब एक घंटे तक महत्वपूर्ण मुलाकात की। इस दौरान दोनों नेताओं के बीच भारत-अमेरिका संबंधों को और मजबूत बनाने सहित कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई।
प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात के बाद अमेरिकी विदेश मंत्री ने आज दिल्ली स्थित अमेरिकी दूतावास परिसर में नई “सपोर्ट एनेक्स बिल्डिंग” का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि यह नई इमारत सिर्फ एक भवन नहीं, बल्कि भारत और अमेरिका के मजबूत होते रिश्तों का प्रतीक है। उन्होंने भरोसा जताया कि आने वाले समय में दोनों देशों के बीच रणनीतिक, आर्थिक और कूटनीतिक संबंध और अधिक मजबूत होंगे। साथ ही यह भी कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच व्यक्तिगत स्तर पर भी बेहतर संबंध हैं, जिसका सकारात्मक असर द्विपक्षीय रिश्तों पर दिखाई देता है।
भारत-अमेरिका संबंध सबसे मजबूत “आधारशिला” : रूबियो
मार्को रूबियो ने भारत-अमेरिका संबंधों को सबसे मजबूत “आधारशिला” बताया। उन्होंने अमेरिका में भारतीय कंपनियों द्वारा किए गए 20 अरब डॉलर के भारी निवेश को दोनों देशों के आपसी भरोसे का बड़ा प्रमाण बताया। साथ ही उन्होंने कहा कि भारत में ‘क्वाड’ (Quad) बैठक का आयोजन यह दर्शाता है कि अमेरिका की विदेश नीति में भारत की भूमिका कितनी महत्वपूर्ण है।
अमेरिकी विदेश मंत्री ने कहा कि नई बिल्डिंग के जरिए वीजा, काउंसलर और अन्य सेवाओं को और अधिक आधुनिक तथा सुगम बनाया जाएगा, जिससे लोगों को बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी। इस दौरान उन्होंने 26 तारीख को होने वाली अहम बैठक का भी जिक्र किया और संकेत दिए कि भविष्य में भारत और अमेरिका के बीच कई महत्वपूर्ण घोषणाएं देखने को मिल सकती हैं।
सर्जियो गोर मेरे पुराने दोस्त : रूबियो
भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो का विशेष अभिनंदन किया। इस दौरान मार्को रूबियो ने कहा कि अमेरिकी राजदूत उनके पुराने दोस्त हैं, दोनों ने साथ काम किया है और सर्जियो गोर भारत-अमेरिका संबंधों को मजबूत बनाने के लिए लगातार महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। अमेरिकी दूतावास परिसर में बनी यह नई इमारत अब विभिन्न काउंसलर सेवाओं का प्रमुख केंद्र बनेगी और दोनों देशों की बढ़ती साझेदारी को नई दिशा देने का काम करेगी।




