अवैध विस्फोटक सप्लाई नेटवर्क की जांच में NIA सक्रिय, तीन राज्यों में बड़ी कार्रवाई

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राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने मलप्पुरम अवैध विस्फोटक मामले में शनिवार को एक बड़े समन्वित अभियान के तहत तीन राज्यों के 19 ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया। यह कार्रवाई केरल, कर्नाटक और तमिलनाडु में की गई, जहां जांच एजेंसी ने उन लोगों और परिसरों को निशाने पर लिया जिनके तार कथित रूप से अवैध विस्फोटक नेटवर्क से जुड़े होने की आशंका है। मामला केरल के मलप्पुरम जिले में बड़ी मात्रा में अवैध विस्फोटक सामग्री की बरामदगी से जुड़ा है, जिसके बाद जांच एजेंसियों ने इसकी गंभीरता को देखते हुए नेटवर्क की गहराई से पड़ताल शुरू की।

जानकारी के अनुसार, मलप्पुरम जिले के तिरुरंगडी क्षेत्र में पहले बड़ी मात्रा में जिलेटिन स्टिक, डेटोनेटर और अन्य विस्फोटक सामग्री बरामद की गई थी। शुरुआती जांच स्थानीय पुलिस ने की, लेकिन मामले के संभावित अंतरराज्यीय संबंधों और सुरक्षा पहलुओं को देखते हुए जांच बाद में NIA को सौंप दी गई। एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि विस्फोटक सामग्री कहां से लाई गई, उसकी सप्लाई किस माध्यम से हुई और उसका अंतिम उपयोग किस उद्देश्य के लिए किया जाना था।

शनिवार सुबह शुरू हुए तलाशी अभियान के दौरान NIA की टीमों ने कई आवासीय और व्यावसायिक परिसरों की गहन जांच की। इस दौरान डिजिटल डिवाइस, मोबाइल फोन, दस्तावेज, वित्तीय लेनदेन से जुड़े रिकॉर्ड और अन्य संभावित साक्ष्यों की जांच की गई। जांच एजेंसी यह भी खंगाल रही है कि कहीं यह नेटवर्क अवैध खनन, विस्फोटक तस्करी या किसी बड़े संगठित आपराधिक गिरोह से तो जुड़ा नहीं है। अधिकारियों के मुताबिक, इस कार्रवाई का उद्देश्य केवल विस्फोटकों की बरामदगी तक सीमित नहीं है, बल्कि उस पूरे नेटवर्क की पहचान करना है जो इनके संग्रहण, परिवहन और वितरण में शामिल हो सकता है।

जांच के दौरान यह संभावना भी सामने आई है कि बरामद विस्फोटकों का उपयोग अवैध पत्थर खनन या खदान गतिविधियों में किया जाता रहा हो, हालांकि NIA सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की जांच कर रही है और किसी भी सुरक्षा जोखिम की संभावना को नजरअंदाज नहीं कर रही। एजेंसी यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या दक्षिण भारत के विभिन्न राज्यों में फैला कोई संगठित गिरोह अवैध विस्फोटकों की आवाजाही में शामिल था।

फिलहाल NIA ने तलाशी अभियान से जुड़ी बरामद सामग्री, हिरासत या संभावित गिरफ्तारियों को लेकर विस्तृत आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की है। जांच अभी जारी है और माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और खुलासे हो सकते हैं।

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