जून की शुरुआत में महंगाई का झटका, कमर्शियल LPG सिलिंडर महंगा

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देश में महंगाई के बीच 1 जून से कमर्शियल एलपीजी (LPG) सिलिंडर की कीमतों में बढ़ोतरी ने होटल, रेस्तरां और खाद्य कारोबार से जुड़े व्यवसायों की चिंता बढ़ा दी है। सरकारी तेल विपणन कंपनियों ने 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल गैस सिलिंडर के दाम संशोधित करते हुए कई शहरों में कीमतें बढ़ा दी हैं। राजधानी दिल्ली में कमर्शियल एलपीजी सिलिंडर करीब 42 रुपये महंगा हुआ है, जिसके बाद इसकी नई कीमत लगभग 3,113.50 रुपये हो गई है। हालांकि घरेलू रसोई गैस सिलिंडर की कीमतों में फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया गया है, जिससे आम घरेलू उपभोक्ताओं को राहत मिली है, लेकिन व्यावसायिक गतिविधियों पर इसका असर साफ दिखाई देने की संभावना जताई जा रही है।

कमर्शियल एलपीजी सिलिंडर का उपयोग मुख्य रूप से होटल, रेस्तरां, ढाबा, कैटरिंग सेवा, मिठाई दुकान और छोटे खाद्य उद्योगों में होता है। ऐसे में कीमतों में वृद्धि से इन व्यवसायों की परिचालन लागत बढ़ना तय माना जा रहा है। कारोबारियों का कहना है कि पहले से खाद्य सामग्री, परिवहन, बिजली और श्रम लागत में वृद्धि के कारण व्यापार दबाव में है, वहीं गैस सिलिंडर महंगा होने से अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ेगा। कई छोटे कारोबारी इसे लाभ मार्जिन पर सीधा असर डालने वाला कदम मान रहे हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार, यदि कमर्शियल गैस की ऊंची कीमतें लंबे समय तक बनी रहती हैं तो इसका असर धीरे-धीरे आम उपभोक्ताओं तक भी पहुंच सकता है। होटल और रेस्तरां संचालक बढ़ी हुई लागत की भरपाई के लिए खाने-पीने की वस्तुओं और सेवाओं की कीमतों में बदलाव कर सकते हैं। हालांकि प्रतिस्पर्धा और ग्राहकों को बनाए रखने की चुनौती को देखते हुए कई व्यवसाय तुरंत दाम बढ़ाने के बजाय पहले लागत को संतुलित करने की कोशिश करेंगे।

पिछले कुछ महीनों में कमर्शियल एलपीजी सिलिंडर की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत, वैश्विक आपूर्ति स्थिति और ऊर्जा क्षेत्र की आर्थिक परिस्थितियों का सीधा असर गैस दरों पर पड़ता है। उद्योग से जुड़े विशेषज्ञों का कहना है कि ऊर्जा लागत में लगातार बढ़ोतरी छोटे और मध्यम कारोबारों के लिए चिंता का विषय बन सकती है, क्योंकि इससे संचालन खर्च बढ़ने के साथ कारोबार की स्थिरता पर भी असर पड़ सकता है।

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