नई दिल्ली। भारत की अर्थव्यवस्था को लेकर आए ताजा आंकड़ों पर प्रतिक्रिया देते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने देश की मजबूत जीडीपी वृद्धि को आर्थिक स्थिरता, सुशासन और प्रभावी नीतियों का परिणाम बताया है। उन्होंने कहा कि वित्त वर्ष 2025-26 में भारत द्वारा दर्ज की गई 7.7 प्रतिशत की आर्थिक वृद्धि दर इस बात का प्रमाण है कि देश वैश्विक चुनौतियों और आर्थिक अनिश्चितताओं के बावजूद तेजी से विकास की राह पर आगे बढ़ रहा है। राजनाथ सिंह ने इस उपलब्धि का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व, सरकार की विकासोन्मुखी नीतियों और देश के नागरिकों की मेहनत को दिया। उनका कहना था कि भारत आज दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है और यह उपलब्धि देश की बढ़ती आर्थिक क्षमता को दर्शाती है।
रक्षा मंत्री ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में भारत ने आर्थिक सुधारों, बुनियादी ढांचे के विकास, डिजिटल परिवर्तन और निवेश को प्रोत्साहित करने वाली नीतियों के माध्यम से विकास की मजबूत नींव तैयार की है। यही कारण है कि वैश्विक स्तर पर आर्थिक दबाव, युद्ध जैसी परिस्थितियां और आपूर्ति श्रृंखला से जुड़ी चुनौतियां होने के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था लगातार बेहतर प्रदर्शन कर रही है। उन्होंने कहा कि चौथी तिमाही में दर्ज 7.8 प्रतिशत की वृद्धि दर यह दर्शाती है कि देश में निवेश, उत्पादन और उपभोग गतिविधियों में लगातार सुधार हो रहा है।
राजनाथ सिंह ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की वैश्विक साख मजबूत हुई है और अंतरराष्ट्रीय निवेशकों का विश्वास देश की अर्थव्यवस्था पर बढ़ा है। उन्होंने कहा कि सरकार की नीतियों का उद्देश्य केवल आर्थिक वृद्धि हासिल करना नहीं, बल्कि विकास के लाभों को समाज के सभी वर्गों तक पहुंचाना भी है। उनके अनुसार, मजबूत आर्थिक प्रदर्शन से रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे, उद्योगों को गति मिलेगी और देश विकसित भारत के लक्ष्य की ओर तेजी से आगे बढ़ेगा।
उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में भी भारत इसी तरह की विकास दर बनाए रखते हुए वैश्विक अर्थव्यवस्था में अपनी स्थिति को और मजबूत करेगा। रक्षा मंत्री ने कहा कि सरकार आर्थिक सुधारों की गति को जारी रखते हुए निवेश, नवाचार और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने देशवासियों को इस उपलब्धि के लिए बधाई देते हुए कहा कि यह सफलता भारत के उज्ज्वल आर्थिक भविष्य का संकेत है और आने वाले समय में देश नई ऊंचाइयों को हासिल करेगा।




