प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूरे होने के अवसर पर स्वास्थ्य क्षेत्र में हुई उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि पिछले एक दशक में भारत की स्वास्थ्य व्यवस्था में व्यापक और सकारात्मक बदलाव देखने को मिला है। उन्होंने कहा कि सरकार ने गरीबों, वंचितों और मध्यम वर्ग को सस्ती, सुलभ और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लक्ष्य के साथ कई महत्वपूर्ण योजनाएं शुरू कीं, जिनका लाभ आज करोड़ों नागरिकों तक पहुंच रहा है। प्रधानमंत्री ने आयुष्मान भारत योजना को स्वास्थ्य क्षेत्र की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक बताते हुए कहा कि इसके माध्यम से पात्र परिवारों को प्रतिवर्ष 5 लाख रुपये तक का कैशलेस स्वास्थ्य बीमा कवर उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे गंभीर बीमारियों के इलाज का आर्थिक बोझ काफी हद तक कम हुआ है।
उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य अवसंरचना को मजबूत करने के लिए देशभर में नए एम्स संस्थानों की स्थापना की गई, मेडिकल कॉलेजों और मेडिकल सीटों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि की गई तथा ग्रामीण क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करने के लिए आयुष्मान आरोग्य मंदिरों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों का विस्तार किया गया। इसके साथ ही जन औषधि योजना के तहत हजारों केंद्रों के माध्यम से लोगों को बाजार कीमत से काफी कम दरों पर गुणवत्तापूर्ण दवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं, जिससे आम लोगों के चिकित्सा खर्च में कमी आई है।
प्रधानमंत्री ने डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार को भी सरकार की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के जरिए करोड़ों लोगों को डिजिटल हेल्थ आईडी प्रदान की गई है और टेलीमेडिसिन सेवाओं के माध्यम से दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले मरीजों को विशेषज्ञ चिकित्सकों से परामर्श की सुविधा मिल रही है। पीएम मोदी ने कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र में किए गए ये सुधार केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इनका सीधा लाभ आम नागरिकों को मिला है। उनका कहना था कि पिछले 12 वर्षों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच, गुणवत्ता और वहनीयता में उल्लेखनीय सुधार हुआ है, जिससे देश एक मजबूत और समावेशी स्वास्थ्य व्यवस्था की दिशा में आगे बढ़ा है।




