जी7 शिखर सम्मेलन के दौरान पश्चिम एशिया में जारी संकट और वैश्विक सुरक्षा चुनौतियों पर चर्चा के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने भारत की भूमिका को लेकर महत्वपूर्ण टिप्पणी की। ट्रंप ने कहा कि भारत और प्रधानमंत्री Narendra Modi क्षेत्रीय तथा वैश्विक स्थिरता स्थापित करने में अहम योगदान दे सकते हैं। उन्होंने भारत को अमेरिका का विश्वसनीय साझेदार बताते हुए कहा कि नई दिल्ली की संतुलित विदेश नीति और बढ़ता अंतरराष्ट्रीय प्रभाव पश्चिम एशिया जैसे संवेदनशील क्षेत्र में शांति प्रयासों को मजबूत करने में मददगार साबित हो सकता है। ट्रंप की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब पश्चिम एशिया में तनाव, ऊर्जा सुरक्षा और समुद्री मार्गों की सुरक्षा को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बनी हुई है।
जी7 सम्मेलन के इतर हुई मोदी-ट्रंप बैठक में पश्चिम एशिया की स्थिति, वैश्विक व्यापार, रक्षा सहयोग, ऊर्जा आपूर्ति और समुद्री सुरक्षा जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। प्रधानमंत्री मोदी ने भी क्षेत्र में स्थायी शांति की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि खाड़ी क्षेत्र में स्थिरता केवल संबंधित देशों ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया के आर्थिक हितों के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने विशेष रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा का मुद्दा उठाया और कहा कि वैश्विक व्यापार तथा ऊर्जा आपूर्ति के लिए यह समुद्री मार्ग बेहद महत्वपूर्ण है। साथ ही भारतीय नाविकों और समुद्री कर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया।
विश्लेषकों के अनुसार ट्रंप का यह बयान भारत की बढ़ती कूटनीतिक ताकत और वैश्विक प्रभाव की स्वीकारोक्ति माना जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की सक्रिय भूमिका, विभिन्न देशों के साथ उसके मजबूत संबंध और संकटग्रस्त क्षेत्रों में संतुलित रुख ने उसे एक जिम्मेदार वैश्विक शक्ति के रूप में स्थापित किया है। ऐसे समय में जब कई देश पश्चिम एशिया से जुड़े मुद्दों पर अपनी भूमिका बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं, ट्रंप द्वारा भारत की भूमिका को विशेष महत्व देना नई दिल्ली की बढ़ती रणनीतिक अहमियत को दर्शाता है। इसे दक्षिण एशियाई राजनीति और कूटनीति के संदर्भ में भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
मोदी और ट्रंप की इस मुलाकात में भारत-अमेरिका संबंधों को और मजबूत बनाने पर भी चर्चा हुई। दोनों नेताओं ने व्यापार, रक्षा, प्रौद्योगिकी और क्षेत्रीय सुरक्षा के क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराई। ट्रंप ने बैठक को सकारात्मक बताते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर रचनात्मक बातचीत हुई है। जी7 सम्मेलन में सामने आए इस घटनाक्रम ने एक बार फिर यह संकेत दिया है कि वैश्विक संकटों और अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में भारत की भूमिका लगातार मजबूत हो रही है और विश्व समुदाय उसे एक प्रभावशाली तथा भरोसेमंद साझेदार के रूप में देख रहा है।




