भारत और ब्रिटेन के बीच हुए व्यापक आर्थिक एवं व्यापार समझौते के तहत सामाजिक सुरक्षा अंशदान से जुड़ा एक महत्वपूर्ण प्रावधान शामिल किया गया है, जिससे हजारों भारतीय पेशेवरों और कंपनियों को बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है। समझौते के अंतर्गत दोनों देशों ने ऐसी व्यवस्था पर सहमति जताई है, जिसके तहत अस्थायी रूप से एक-दूसरे के देश में काम करने वाले कर्मचारियों को दोहरी सामाजिक सुरक्षा अंशदान की बाध्यता से राहत मिलेगी। इसका उद्देश्य पेशेवरों की अंतरराष्ट्रीय आवाजाही को आसान बनाना, व्यवसायों की लागत कम करना और रोजगार के अवसरों को बढ़ावा देना है।
नई व्यवस्था के तहत भारत से ब्रिटेन भेजे जाने वाले पेशेवरों को निर्धारित अवधि तक ब्रिटेन की सामाजिक सुरक्षा प्रणाली में योगदान देने की आवश्यकता नहीं होगी। वे भारत की सामाजिक सुरक्षा योजनाओं में अपना योगदान जारी रख सकेंगे, जिससे उन्हें दोनों देशों में एक साथ भुगतान करने की स्थिति का सामना नहीं करना पड़ेगा। इससे कर्मचारियों पर वित्तीय बोझ कम होगा और उनकी आय में भी सकारात्मक प्रभाव देखने को मिल सकता है। साथ ही सामाजिक सुरक्षा से जुड़े लाभों की निरंतरता बनाए रखने में भी मदद मिलेगी।
सरकारी आकलन के अनुसार इस प्रावधान का लाभ लगभग 75,000 भारतीय पेशेवरों और सैकड़ों भारतीय कंपनियों को मिल सकता है। सूचना प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग, परामर्श, वित्तीय सेवाओं और अन्य पेशेवर क्षेत्रों में कार्यरत कर्मचारियों के लिए यह विशेष रूप से लाभकारी माना जा रहा है। भारतीय कंपनियों के लिए भी अपने कर्मचारियों को ब्रिटेन में परियोजनाओं और व्यावसायिक गतिविधियों के लिए भेजना पहले की तुलना में अधिक किफायती हो जाएगा, जिससे उनकी वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता मजबूत होने की संभावना है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह प्रावधान केवल वित्तीय राहत तक सीमित नहीं है, बल्कि भारत और ब्रिटेन के बीच आर्थिक सहयोग को नई दिशा देने वाला कदम भी है। इससे दोनों देशों के बीच कौशल आधारित सेवाओं, निवेश और पेशेवर आदान-प्रदान को बढ़ावा मिलेगा। भारतीय प्रतिभाओं के लिए ब्रिटेन में काम करने के अवसर बढ़ने की उम्मीद है, जबकि कंपनियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी उपस्थिति मजबूत करने में मदद मिलेगी। इस तरह यह समझौता दोनों देशों के आर्थिक संबंधों को और अधिक गहरा बनाने तथा सेवा क्षेत्र में सहयोग को नई गति देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।




