प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 135वें एपिसोड में देशवासियों को संबोधित करते हुए कहा कि जून का महीना भारत के लिए अनेक उपलब्धियों और प्रेरणादायक घटनाओं का साक्षी रहा है। उन्होंने कहा कि आज भारत “समुद्र से लेकर आकाश तक सुरक्षित और आत्मनिर्भर” बनने की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री ने रक्षा क्षेत्र में स्वदेशीकरण की बढ़ती ताकत का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत में निर्मित सी-295 सैन्य परिवहन विमान की पहली उड़ान देश के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने बताया कि इस परियोजना के तहत कई विमान देश में ही तैयार किए जा रहे हैं, जिससे रक्षा उत्पादन, एयरोस्पेस उद्योग, एमएसएमई और रोजगार को नई गति मिलेगी।
पीएम मोदी ने भारतीय नौसेना की बढ़ती ताकत का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि स्वदेशी तकनीक से निर्मित युद्धपोतों और सर्वेक्षण पोतों के शामिल होने से भारत की समुद्री सुरक्षा और अधिक मजबूत हुई है। उन्होंने कहा कि डिजाइन से लेकर निर्माण तक पूरी प्रक्रिया देश में होने से भारत रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठा रहा है।
प्रधानमंत्री ने 21 जून को मनाए गए अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की सफलता पर भी खुशी जताई। उन्होंने कहा कि इस बार दुनिया के हजारों स्थानों पर करोड़ों लोगों ने योग किया, जो भारत की प्राचीन संस्कृति और जीवनशैली को वैश्विक पहचान दिलाने का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि योग केवल शारीरिक स्वास्थ्य का माध्यम नहीं, बल्कि मानसिक संतुलन और मानवता को जोड़ने का भी सशक्त साधन बन चुका है।
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना और प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना के माध्यम से करोड़ों परिवारों को आर्थिक सुरक्षा मिली है। उन्होंने लोगों से इन योजनाओं के बारे में अधिक से अधिक जागरूकता फैलाने की अपील की, ताकि जरूरतमंद परिवार भी इनका लाभ उठा सकें।
पीएम मोदी ने समाज में वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया। उन्होंने लोगों से अंधविश्वास और भ्रामक दावों से दूर रहने की अपील करते हुए कहा कि तर्क, विज्ञान और जागरूकता ही आधुनिक भारत की पहचान होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि समाज में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करना समय की आवश्यकता है।
खेलों के क्षेत्र में बढ़ती भागीदारी का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने नागालैंड में आयोजित बेबी लीग और महिला फुटसल लीग जैसी पहलों की सराहना की। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रयास बच्चों और महिलाओं को खेलों में आगे बढ़ने का अवसर दे रहे हैं और देश में खेल संस्कृति को मजबूत बना रहे हैं। साथ ही उन्होंने तकनीक और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के दौर में रचनात्मकता और ज्ञान परंपरा को संरक्षित रखने की आवश्यकता पर बल देते हुए नालंदा विश्वविद्यालय की शास्त्रार्थ परंपरा को पुनर्जीवित करने की पहल की प्रशंसा की।
अपने संबोधन के अंत में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत की सबसे बड़ी ताकत उसकी जनभागीदारी, नवाचार और आत्मनिर्भरता है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि देश रक्षा, विज्ञान, शिक्षा, खेल और सामाजिक विकास सहित हर क्षेत्र में नई उपलब्धियां हासिल करते हुए विकसित भारत के लक्ष्य की ओर तेजी से आगे बढ़ेगा।




