समुद्री सुरक्षा और ब्लू इकोनॉमी में योगदान के लिए पीएम मोदी को सेशेल्स का बड़ा सम्मान

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उनके तीन दिवसीय सेशेल्स दौरे के दौरान देश के प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय सम्मान ‘गार्जियन ऑफ द ब्लू होराइजन’ (Guardian of the Blue Horizon) से सम्मानित किया गया। सेशेल्स के राष्ट्रपति पैट्रिक हर्मिनी ने उन्हें यह सम्मान प्रदान करते हुए कहा कि महासागरों के संरक्षण, ब्लू इकोनॉमी को बढ़ावा देने, पर्यावरण सुरक्षा और हिंद महासागर क्षेत्र में शांति एवं सतत विकास के लिए उनके नेतृत्व और योगदान को देखते हुए यह उपाधि दी गई है। यह सम्मान उन वैश्विक नेताओं को प्रदान किया जाता है जिन्होंने समुद्री संसाधनों के संरक्षण, जलवायु परिवर्तन से निपटने और छोटे द्वीपीय देशों के हितों को आगे बढ़ाने में उल्लेखनीय भूमिका निभाई हो।

सम्मान ग्रहण करने के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने इसे भारत के 140 करोड़ नागरिकों का सम्मान बताते हुए जलवायु परिवर्तन से प्रभावित सभी देशों को समर्पित किया। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण और महासागरों की सुरक्षा पूरी मानवता की साझा जिम्मेदारी है। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत मिशन LiFE, अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन (ISA), आपदा-रोधी अवसंरचना गठबंधन (CDRI) और अन्य वैश्विक पहलों के माध्यम से सतत विकास, स्वच्छ ऊर्जा और पर्यावरण संरक्षण के लिए लगातार काम कर रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि हिंद महासागर केवल भौगोलिक क्षेत्र नहीं, बल्कि साझा विरासत और साझा भविष्य का प्रतीक है।

प्रधानमंत्री मोदी और सेशेल्स के राष्ट्रपति पैट्रिक हर्मिनी के बीच प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता भी हुई, जिसमें दोनों देशों ने समुद्री सुरक्षा, रक्षा सहयोग, स्वास्थ्य, कृषि, डिजिटल भुगतान, अंतरिक्ष, विदेश सेवा प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण जैसे कई क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई। दोनों नेताओं ने इस बात पर जोर दिया कि हिंद महासागर क्षेत्र को शांति, स्थिरता, सुरक्षा और समृद्धि का क्षेत्र बनाए रखने के लिए भारत और सेशेल्स मिलकर काम करेंगे। दोनों देशों ने ब्लू इकोनॉमी, समुद्री संसाधनों के सतत उपयोग और जलवायु परिवर्तन से जुड़े मुद्दों पर भी सहयोग को और मजबूत करने का संकल्प लिया।

दौरे के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने सेशेल्स को भारत में निर्मित फास्ट पेट्रोल वेसल ‘पीएस लेस्पवार’ (PS LESPWAR) भी सौंपा। यह पोत सेशेल्स की समुद्री निगरानी, तटीय सुरक्षा और समुद्री कानून प्रवर्तन क्षमता को मजबूत करेगा। इसे हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की ‘सागर’ (Security and Growth for All in the Region) नीति और दोनों देशों के बीच बढ़ते रक्षा एवं समुद्री सहयोग का महत्वपूर्ण प्रतीक माना जा रहा है।

प्रधानमंत्री मोदी सेशेल्स के 50वें राष्ट्रीय दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में भी शामिल हुए। यह यात्रा ऐसे समय में हुई है जब भारत और सेशेल्स अपने राजनयिक संबंधों के 50 वर्ष पूरे होने का जश्न मना रहे हैं। इस अवसर पर दोनों देशों ने रणनीतिक साझेदारी को नई ऊंचाइयों तक ले जाने, हिंद महासागर क्षेत्र में साझा सुरक्षा को मजबूत करने और सतत विकास के लिए मिलकर काम करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। ‘गार्जियन ऑफ द ब्लू होराइजन’ सम्मान को भारत-सेशेल्स संबंधों में बढ़ते विश्वास, गहरी रणनीतिक साझेदारी और पर्यावरण संरक्षण के साझा दृष्टिकोण का महत्वपूर्ण प्रतीक माना जा रहा है।

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