राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में सुरक्षा एजेंसियों ने एक बड़ी आतंकी साजिश को समय रहते नाकाम कर दिया है। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई (ISI) से कथित तौर पर जुड़े चार संदिग्ध आतंकियों को गिरफ्तार किया है। प्रारंभिक जांच के अनुसार, यह आतंकी मॉड्यूल दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में बड़े हमले की योजना पर काम कर रहा था। अधिकारियों का कहना है कि समय रहते की गई कार्रवाई से संभावित आतंकी घटना को टाल दिया गया।
जांच एजेंसियों के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी पाकिस्तान में बैठे अपने हैंडलरों के संपर्क में थे और उन्हें सोशल मीडिया तथा एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग प्लेटफॉर्म के जरिए निर्देश मिल रहे थे। पूछताछ में सामने आया है कि आरोपियों को संवेदनशील स्थानों की रेकी करने, महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की जानकारी जुटाने और भीड़भाड़ वाले इलाकों की तस्वीरें एवं वीडियो अपने हैंडलरों तक भेजने का काम सौंपा गया था। सुरक्षा एजेंसियां यह भी जांच कर रही हैं कि इस मॉड्यूल के तार देश के अन्य राज्यों से भी जुड़े हैं या नहीं।
पुलिस की छापेमारी के दौरान आरोपियों के कब्जे से हथियार, कारतूस, मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल उपकरण बरामद किए गए हैं। बरामद इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसों की फोरेंसिक जांच की जा रही है, ताकि पूरे नेटवर्क, उसकी फंडिंग, संपर्क सूत्रों और संभावित सहयोगियों के बारे में विस्तृत जानकारी जुटाई जा सके। जांच में यह भी पता लगाया जा रहा है कि आरोपियों को हथियार और अन्य संसाधन किस माध्यम से उपलब्ध कराए जा रहे थे।
सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक, प्रारंभिक जांच में संकेत मिले हैं कि यह मॉड्यूल सीमा पार से संचालित नेटवर्क के संपर्क में था और संगठित अपराध तथा आतंकवादी गतिविधियों के बीच संभावित संबंधों की भी जांच की जा रही है। अधिकारियों का मानना है कि गिरफ्तारियों से इस नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है, हालांकि पूरे मॉड्यूल का पर्दाफाश करने के लिए जांच अभी जारी है।
दिल्ली पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियां मामले से जुड़े हर पहलू की गहन पड़ताल कर रही हैं। संदिग्धों से लगातार पूछताछ की जा रही है और उनके डिजिटल रिकॉर्ड, बैंकिंग लेनदेन तथा संपर्कों का विश्लेषण किया जा रहा है। इसके साथ ही विभिन्न राज्यों की पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित कर संभावित सहयोगियों की तलाश भी तेज कर दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती जाएगी और जांच पूरी होने के बाद आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।




