भारत और पोलैंड के बीच रणनीतिक संबंध लगातार मजबूत हो रहे हैं। इसी क्रम में पोलैंड ने सीमा पार आतंकवाद के मुद्दे पर भारत का खुलकर समर्थन करते हुए स्पष्ट किया है कि वह किसी भी प्रकार के आतंकी हमलों को स्वीकार नहीं करता और आतंकवाद के प्रति उसकी नीति पूरी तरह ‘जीरो टॉलरेंस’ की है। पोलैंड के उप विदेश मंत्री व्लादिस्लाव टेओफिल बार्तोशेव्स्की ने कहा कि आतंकवाद किसी भी देश, क्षेत्र या परिस्थिति में स्वीकार्य नहीं हो सकता। उन्होंने जोर देकर कहा कि सीमा पार आतंकवाद वैश्विक शांति और सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती है तथा इसके खिलाफ अंतरराष्ट्रीय समुदाय को एकजुट होकर प्रभावी कार्रवाई करनी चाहिए। उनके इस बयान को भारत की लंबे समय से उठाई जा रही आतंकवाद विरोधी चिंताओं के समर्थन के रूप में देखा जा रहा है।
यह बयान ऐसे समय आया है जब भारत विभिन्न वैश्विक मंचों पर सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ व्यापक अंतरराष्ट्रीय सहयोग और स्पष्ट रुख अपनाने की लगातार अपील कर रहा है। हाल के वर्षों में भारत ने कई देशों के साथ द्विपक्षीय वार्ताओं में आतंकवाद के खिलाफ साझा रणनीति, खुफिया सहयोग और आतंकवादी नेटवर्क के खिलाफ सख्त कार्रवाई की आवश्यकता पर जोर दिया है। इसी कड़ी में भारत और पोलैंड के बीच हुई उच्चस्तरीय वार्ताओं में भी आतंकवाद प्रमुख मुद्दों में शामिल रहा। भारत ने स्पष्ट किया कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में किसी प्रकार का दोहरा मापदंड स्वीकार नहीं किया जा सकता और सभी देशों को इस खतरे के विरुद्ध समान दृष्टिकोण अपनाना चाहिए।
पोलैंड ने भी स्वीकार किया कि वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों में सुरक्षा चुनौतियां लगातार बढ़ रही हैं और आतंकवाद अंतरराष्ट्रीय स्थिरता के लिए सबसे बड़े खतरों में से एक बना हुआ है। पोलिश नेतृत्व ने कहा कि वह भारत की सुरक्षा चिंताओं को समझता है और अंतरराष्ट्रीय कानून तथा संप्रभुता के सम्मान के साथ आतंकवाद के खिलाफ सहयोग को और मजबूत करने के पक्ष में है। दोनों देशों ने इस बात पर सहमति जताई कि लोकतांत्रिक मूल्यों, शांति और नियम-आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था की रक्षा के लिए आतंकवाद के विरुद्ध सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं।
भारत और पोलैंड के संबंध केवल सुरक्षा सहयोग तक सीमित नहीं हैं, बल्कि व्यापार, निवेश, रक्षा, डिजिटल प्रौद्योगिकी, स्वच्छ ऊर्जा, शिक्षा, विज्ञान और नवाचार जैसे अनेक क्षेत्रों में भी दोनों देशों के बीच सहयोग लगातार बढ़ रहा है। दोनों पक्षों ने रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत बनाने, आर्थिक सहयोग को नई गति देने तथा वैश्विक और क्षेत्रीय मुद्दों पर नियमित संवाद जारी रखने की प्रतिबद्धता दोहराई है। विशेषज्ञों का मानना है कि सीमा पार आतंकवाद के मुद्दे पर पोलैंड का स्पष्ट समर्थन भारत की कूटनीतिक सफलता के रूप में देखा जा रहा है और इससे यूरोप के साथ भारत के रणनीतिक संबंधों को भी नई मजबूती मिलेगी।




