देश की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत तथा तकनीक आधारित बनाने की दिशा में केंद्र सरकार ने महत्वपूर्ण पहल शुरू की है। केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPFs) और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के लिए अत्याधुनिक मानव रहित ग्राउंड व्हीकल (UGV) आधारित विस्फोटक निष्क्रियकरण प्रणाली को शामिल करने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। इन रोबोटिक वाहनों का उद्देश्य बम, इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (IED) और अन्य संदिग्ध विस्फोटक वस्तुओं को बिना किसी जवान की जान जोखिम में डाले सुरक्षित तरीके से निष्क्रिय करना है। इसके लिए विभिन्न स्वदेशी और तकनीकी कंपनियों द्वारा विकसित प्रणालियों के फील्ड ट्रायल शुरू हो चुके हैं, जिनके आधार पर सुरक्षा बलों की जरूरतों के अनुरूप उपयुक्त उपकरणों का चयन किया जाएगा।
इन मानव रहित वाहनों में हाई-रिजॉल्यूशन कैमरे, थर्मल इमेजिंग सिस्टम, अत्याधुनिक सेंसर, रोबोटिक आर्म, ग्रिपर और रिमोट कंट्रोल संचालन जैसी आधुनिक सुविधाएं होंगी। ये वाहन संदिग्ध बैग, वाहन या विस्फोटक सामग्री के पास पहुंचकर उसकी जांच कर सकेंगे, उसे सुरक्षित स्थान पर ले जा सकेंगे या आवश्यकता पड़ने पर नियंत्रित तरीके से विस्फोटक को निष्क्रिय भी कर सकेंगे। इससे बम निरोधक दस्तों को सीधे खतरे वाले क्षेत्र में जाने की आवश्यकता काफी कम हो जाएगी और सुरक्षा कर्मियों की जान का जोखिम भी घटेगा।
प्रस्तावित प्रणाली का उपयोग सीआरपीएफ, सीआईएसएफ, बीएसएफ, आईटीबीपी, एसएसबी और राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (NSG) सहित विभिन्न केंद्रीय सुरक्षा बलों द्वारा किया जा सकेगा। इनका इस्तेमाल हवाई अड्डों, मेट्रो स्टेशनों, सरकारी भवनों, औद्योगिक प्रतिष्ठानों, भीड़भाड़ वाले सार्वजनिक स्थानों, वीवीआईपी सुरक्षा और आतंकवाद-रोधी अभियानों में किया जाएगा। किसी भी संदिग्ध वस्तु की सूचना मिलने पर सबसे पहले इन रोबोटिक वाहनों को मौके पर भेजा जाएगा, जिससे खतरे का आकलन सुरक्षित तरीके से किया जा सके और आवश्यकता पड़ने पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।
गृह मंत्रालय और पुलिस अनुसंधान एवं विकास ब्यूरो (BPR&D) सुरक्षा बलों के आधुनिकीकरण के तहत नई तकनीकों के परीक्षण और मूल्यांकन पर विशेष जोर दे रहे हैं। ट्रायल के दौरान वाहनों की गतिशीलता, रोबोटिक आर्म की कार्यक्षमता, कैमरों और सेंसर की गुणवत्ता, संचार प्रणाली, बैटरी बैकअप तथा विभिन्न प्रकार के विस्फोटक खतरों से निपटने की क्षमता का परीक्षण किया जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि भविष्य में रोबोटिक्स, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और मानव रहित प्रणालियां सुरक्षा अभियानों का महत्वपूर्ण हिस्सा बनेंगी। इन अत्याधुनिक वाहनों के शामिल होने से केंद्रीय सुरक्षा बलों की परिचालन क्षमता बढ़ेगी, बम निष्क्रियकरण अभियानों में तेजी आएगी और जवानों की सुरक्षा पहले से कहीं अधिक सुनिश्चित हो सकेगी।




