उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने उच्च शिक्षा क्षेत्र से जुड़े शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण पहल की है। राज्य के विश्वविद्यालयों और डिग्री कॉलेजों में कार्यरत शिक्षकों तथा शिक्षणेतर कर्मचारियों को अब 1.50 करोड़ रुपये तक का व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा कवर मिलने की व्यवस्था की जा रही है। इसके अलावा हवाई दुर्घटना की स्थिति में 3 करोड़ रुपये तक का बीमा कवर, अस्पताल में भर्ती होने पर 60 हजार रुपये तक का कैश लाभ और 12 लाख रुपये तक का टर्म लाइफ इंश्योरेंस जैसी सुविधाएं भी प्रस्तावित सुरक्षा पैकेज में शामिल हैं।
सरकार की इस पहल का उद्देश्य उच्च शिक्षा क्षेत्र में काम करने वाले शिक्षकों और कर्मचारियों को आकस्मिक परिस्थितियों में आर्थिक सुरक्षा उपलब्ध कराना है। योजना से संबंधित व्यवस्था को लागू करने के लिए उच्च शिक्षा विभाग और पंजाब नेशनल बैंक के बीच समझौता ज्ञापन किए जाने की तैयारी है। इस समझौते के माध्यम से पात्र शिक्षकों और कर्मचारियों को दुर्घटना, असामयिक मृत्यु और अन्य आकस्मिक परिस्थितियों से जुड़ी वित्तीय सुरक्षा उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।
प्रस्तावित बीमा पैकेज का लाभ उत्तर प्रदेश के विश्वविद्यालयों और डिग्री कॉलेजों में कार्यरत पात्र शिक्षकों के साथ-साथ शिक्षणेतर कर्मचारियों को भी मिलेगा। किसी कर्मचारी की दुर्घटना में मृत्यु या गंभीर रूप से घायल होने की स्थिति में बीमा कवर उसके परिवार के लिए आर्थिक सहारा बन सकता है। वहीं, हवाई दुर्घटना के लिए अलग से अधिक बीमा राशि का प्रावधान किया गया है। अस्पताल में भर्ती होने की स्थिति में कैश लाभ और टर्म लाइफ इंश्योरेंस की सुविधा कर्मचारियों और उनके परिवारों के लिए अतिरिक्त सुरक्षा कवच के रूप में काम करेगी।
उच्च शिक्षा क्षेत्र के कर्मचारियों के लिए दुर्घटना बीमा के साथ स्वास्थ्य सुरक्षा पर भी सरकार की ओर से जोर दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा सुविधा योजना के तहत प्रदेश के विश्वविद्यालयों, सहायता प्राप्त महाविद्यालयों, स्ववित्तपोषित पाठ्यक्रमों और स्ववित्तपोषित महाविद्यालयों में कार्यरत 1.28 लाख से अधिक शिक्षकों और उनके आश्रित परिवारों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा का लाभ मिलने की जानकारी सामने आई है। इस व्यवस्था के तहत पात्र शिक्षकों और उनके परिवारों को इलाज के दौरान अस्पताल में तत्काल भुगतान की परेशानी से राहत मिल सकती है।
सरकार की इस पहल को शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए दोहरे सुरक्षा कवच के रूप में देखा जा रहा है। एक ओर कैशलेस चिकित्सा सुविधा के माध्यम से स्वास्थ्य संबंधी खर्चों में राहत देने की कोशिश है, तो दूसरी ओर दुर्घटना बीमा और जीवन बीमा के जरिए आकस्मिक परिस्थितियों में परिवारों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जा रही है। इस तरह सरकार उच्च शिक्षा क्षेत्र से जुड़े कर्मचारियों को स्वास्थ्य और वित्तीय, दोनों स्तरों पर सुरक्षा देने की दिशा में कदम बढ़ा रही है।
उत्तर प्रदेश सरकार इससे पहले बेसिक और माध्यमिक शिक्षा विभाग से जुड़े शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए भी बीमा तथा स्वास्थ्य सुरक्षा से संबंधित योजनाएं शुरू कर चुकी है। इन योजनाओं के माध्यम से शिक्षकों, शिक्षामित्रों, अनुदेशकों, रसोइयों और अन्य कर्मचारियों को अलग-अलग श्रेणियों में दुर्घटना बीमा और सामाजिक सुरक्षा सुविधाएं उपलब्ध कराने की पहल की गई है। अब उच्च शिक्षा क्षेत्र के कर्मचारियों को भी व्यापक बीमा सुरक्षा देने की तैयारी को इसी दिशा में आगे बढ़ाया गया कदम माना जा रहा है।
किसी कर्मचारी की दुर्घटना में मृत्यु या गंभीर चोट की स्थिति में परिवार के सामने अचानक आर्थिक संकट खड़ा हो सकता है। ऐसे में दुर्घटना बीमा और टर्म लाइफ इंश्योरेंस परिवार के लिए महत्वपूर्ण आर्थिक सहायता प्रदान कर सकते हैं। उच्च शिक्षा के शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए प्रस्तावित बीमा पैकेज का उद्देश्य ऐसी ही आकस्मिक परिस्थितियों में उनके परिवारों को आर्थिक रूप से मजबूत करना है।
उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से उच्च शिक्षा क्षेत्र के शिक्षकों और कर्मचारियों को 1.50 करोड़ रुपये तक का व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा कवर देने की पहल को सामाजिक सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा, हवाई दुर्घटना कवर, अस्पताल कैश लाभ और टर्म लाइफ इंश्योरेंस जैसी सुविधाओं को एक साथ जोड़कर कर्मचारियों को व्यापक सुरक्षा देने का प्रयास किया गया है। अब इस व्यवस्था के प्रभावी क्रियान्वयन और पात्र शिक्षकों-कर्मचारियों तक इन सुविधाओं की पहुंच पर सबकी नजर रहेगी।




