कांवड़ियों की सुरक्षा के लिए बड़ा ट्रैफिक प्लान, दिल्ली-दून हाईवे से गंगा एक्सप्रेसवे तक बदलेगा रूट

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मेरठ। सावन की कांवड़ यात्रा को देखते हुए मेरठ पुलिस और प्रशासन ने यातायात व्यवस्था को लेकर व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। कांवड़ियों की बढ़ती संख्या और यात्रा मार्गों पर सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए दिल्ली-देहरादून राष्ट्रीय राजमार्ग, दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे और कांवड़ यात्रा नहर पटरी पर भारी वाहनों की आवाजाही पर रोक लगाने की तैयारी की गई है। प्रशासन का उद्देश्य कांवड़ियों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के साथ-साथ आम यात्रियों और वाहनों के लिए भी व्यवस्थित यातायात व्यवस्था बनाए रखना है।

प्रस्तावित यातायात योजना के अनुसार 29 जुलाई की रात 12 बजे से दिल्ली-देहरादून राष्ट्रीय राजमार्ग, दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे के गाजियाबाद से मेरठ की दिशा वाले हिस्से और चौधरी चरण सिंह कांवड़ मार्ग यानी कांवड़ यात्रा नहर पटरी पर भारी वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित किया जा सकता है। यह व्यवस्था 12 अगस्त तक लागू रहने की संभावना है। इस दौरान भारी वाहनों को निर्धारित वैकल्पिक मार्गों से भेजा जाएगा, ताकि कांवड़ियों की आवाजाही वाले प्रमुख मार्गों पर यातायात का दबाव कम किया जा सके।

कांवड़ यात्रा के चरम समय में दिल्ली-देहरादून राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात व्यवस्था और अधिक सख्त की जाएगी। प्रस्तावित योजना के तहत 5 अगस्त की रात से 12 अगस्त की रात तक हरिद्वार-मुजफ्फरनगर-मेरठ दिशा में यातायात को पूरी तरह प्रतिबंधित किया जा सकता है। इस दौरान दिल्ली, मेरठ, मुजफ्फरनगर और हरिद्वार के बीच यात्रा करने वाले वाहन चालकों को प्रशासन द्वारा निर्धारित वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल करना होगा। कांवड़ियों की संख्या और मौके की स्थिति के आधार पर यातायात प्लान में बदलाव भी किया जा सकता है।

दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर भी कांवड़ यात्रा के दौरान यातायात व्यवस्था में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। पहले चरण में भारी वाहनों पर रोक लगाने की योजना है, जबकि कांवड़ यात्रा के सबसे व्यस्त दौर में एक्सप्रेसवे के कुछ हिस्सों को सभी वाहनों के लिए बंद किया जा सकता है। प्रशासन का अनुमान है कि यात्रा के दौरान दिल्ली-मेरठ क्षेत्र में वाहनों का दबाव काफी बढ़ेगा। ऐसे में एक्सप्रेसवे के साथ-साथ पाइपलाइन रोड, फ्लाईओवर और अन्य संपर्क मार्गों पर भी जरूरत के अनुसार डायवर्जन लागू किया जा सकता है।

कांवड़ यात्रा के दौरान गंगा एक्सप्रेसवे से आने वाले वाहनों के रूट में भी बदलाव किया जा सकता है। कुछ वाहनों को वैकल्पिक कनेक्टिंग रूट के जरिए आगे भेजने की योजना बनाई जा सकती है, ताकि कांवड़ यात्रा के पारंपरिक मार्गों पर यातायात का दबाव कम किया जा सके। हालांकि, गंगा एक्सप्रेसवे और अन्य प्रमुख एक्सप्रेसवे के इस्तेमाल को लेकर अलग-अलग चरणों में अलग-अलग व्यवस्था लागू हो सकती है। इसलिए वाहन चालकों को यात्रा से पहले प्रशासन और पुलिस की ओर से जारी अंतिम ट्रैफिक एडवाइजरी जरूर देखनी होगी।

रूट डायवर्जन प्लान में एनएच-68 पर भी विशेष यातायात व्यवस्था की जा सकती है। योजना के तहत हल्के और मध्यम वाहनों को मेरठ से मुजफ्फरनगर और हरिद्वार की दिशा में एक लेन से दोनों तरफ चलाने की व्यवस्था की जा सकती है, जबकि दूसरी लेन को हरिद्वार से लौटने वाले कांवड़ियों के लिए सुरक्षित रखा जा सकता है। इसका उद्देश्य वाहनों और पैदल कांवड़ियों के बीच सुरक्षित दूरी बनाए रखना है। हालांकि, मौके की स्थिति और कांवड़ियों की संख्या के आधार पर लेन व्यवस्था में बदलाव संभव है।

कांवड़ यात्रा के दौरान रूट डायवर्जन का असर रोडवेज बसों और दैनिक यात्रियों पर भी पड़ सकता है। कई बसों के मार्ग बदले जा सकते हैं और कुछ प्रमुख बस रूटों का संचालन अस्थायी रूप से प्रभावित हो सकता है। वैकल्पिक मार्गों की लंबाई बढ़ने के कारण यात्रियों को अतिरिक्त समय लग सकता है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे कांवड़ यात्रा के दौरान लंबी दूरी की यात्रा के लिए पहले से योजना बनाएं और घर से निकलने से पहले अपने रूट की स्थिति की जानकारी जरूर ले लें।

कांवड़ यात्रा को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए मेरठ रेंज में सुरक्षा व्यवस्था भी मजबूत की जा रही है। संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल, अस्थायी पुलिस चौकियां और नियंत्रण व्यवस्था स्थापित की जा रही है। भीड़ प्रबंधन, यातायात नियंत्रण और आपात स्थिति में त्वरित सहायता के लिए पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच समन्वय बढ़ाया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, कांवड़ियों की संख्या, सड़क की स्थिति और स्थानीय परिस्थितियों को देखते हुए यातायात व्यवस्था में तत्काल बदलाव किया जा सकता है।

प्रशासन ने वाहन चालकों से अपील की है कि वे कांवड़ यात्रा के दौरान निर्धारित डायवर्जन रूट का ही इस्तेमाल करें और पुलिसकर्मियों द्वारा दिए जा रहे निर्देशों का पालन करें। दिल्ली, मेरठ, मुजफ्फरनगर, हरिद्वार और आसपास के क्षेत्रों में यात्रा करने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। कांवड़ यात्रा के दौरान ट्रैफिक प्लान में जरूरत के अनुसार बदलाव संभव है, इसलिए अंतिम और प्रभावी व्यवस्था स्थानीय पुलिस-प्रशासन की ओर से जारी आधिकारिक सूचना के आधार पर ही मानी जाएगी।

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