ओडिशा और असम में लगातार हो रही मानसूनी बारिश ने बाढ़ की स्थिति को गंभीर बना दिया है। ओडिशा में महानदी और उसकी सहायक नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है, जिससे राज्य सरकार और जिला प्रशासन हाई अलर्ट पर हैं। जल संसाधन विभाग लगातार स्थिति की निगरानी कर रहा है और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। संवेदनशील क्षेत्रों में राहत एवं बचाव दलों की तैनाती कर दी गई है, जबकि जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की तैयारी भी पूरी कर ली गई है। प्रशासन का कहना है कि यदि जलग्रहण क्षेत्रों में बारिश का सिलसिला जारी रहा तो कई इलाकों में अचानक बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।
वहीं, असम में इस वर्ष की बाढ़ ने व्यापक तबाही मचाई है। राज्य के कई जिले अब भी बाढ़ की चपेट में हैं और लाखों लोग प्रभावित हुए हैं। हजारों परिवार राहत शिविरों और अस्थायी आश्रयों में रहने को मजबूर हैं, जबकि बाढ़ के कारण कृषि भूमि, सड़कें, पुल, बिजली व्यवस्था और अन्य बुनियादी ढांचे को भी भारी नुकसान पहुंचा है। प्रशासन लगातार राहत एवं बचाव अभियान चला रहा है और प्रभावित क्षेत्रों में भोजन, स्वच्छ पेयजल, दवाइयों तथा अन्य आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। जिन इलाकों का सड़क संपर्क टूट गया है, वहां नावों और अन्य वैकल्पिक साधनों के जरिए राहत सामग्री पहुंचाई जा रही है।
बाढ़ से प्रभावित लोगों को आर्थिक राहत देने के उद्देश्य से असम सरकार ने एक महत्वपूर्ण फैसला लेते हुए पात्र ऋणधारकों के लिए छह महीने तक ऋण और ईएमआई (EMI) भुगतान पर मोराटोरियम की घोषणा की है। सरकार का मानना है कि इस कदम से उन परिवारों को बड़ी राहत मिलेगी, जिनकी आय बाढ़ के कारण प्रभावित हुई है और जो फिलहाल अपने मासिक ऋण की किस्तें चुकाने में कठिनाई का सामना कर रहे हैं। यह निर्णय प्रभावित लोगों को पुनर्वास और सामान्य जीवन की ओर लौटने में आर्थिक सहारा प्रदान करेगा।
इस बीच, भारतीय मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में ओडिशा और पूर्वोत्तर भारत के कई हिस्सों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश की संभावना जताई है। मौसम विभाग की चेतावनी के बाद दोनों राज्यों के प्रशासन ने आपदा प्रबंधन की तैयारियां और तेज कर दी हैं। लोगों से अपील की गई है कि वे नदी किनारे जाने से बचें, प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत स्थानीय अधिकारियों से संपर्क करें। लगातार हो रही बारिश और बढ़ते जलस्तर को देखते हुए विशेषज्ञों का मानना है कि अगले कुछ दिन दोनों राज्यों के लिए बेहद महत्वपूर्ण होंगे और प्रशासन की सतर्कता के साथ-साथ लोगों का सहयोग भी स्थिति को नियंत्रित रखने में अहम भूमिका निभाएगा।




