कश्मीर में टारगेट किलिंग से सनसनी, पुलिस-सेना ने शुरू किया बड़ा सर्च ऑपरेशन

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जम्मू-कश्मीर में आतंकियों ने एक बार फिर टारगेट किलिंग की वारदात को अंजाम देकर सुरक्षा एजेंसियों के सामने बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है। आतंकवादियों ने कथित तौर पर एक नागरिक की पहचान पूछने के बाद उसे नजदीक से गोली मार दी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इस हमले के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और सूचना मिलते ही पुलिस, सेना तथा केंद्रीय सुरक्षा बलों की संयुक्त टीम घटनास्थल पर पहुंची। पूरे क्षेत्र की घेराबंदी कर व्यापक तलाशी अभियान शुरू किया गया, जबकि आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी कर दी गई। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि यह पिछले दस दिनों के भीतर घाटी में टारगेट किलिंग की दूसरी बड़ी घटना है।

जांच एजेंसियों के अनुसार, हमलावरों ने पहले पीड़ित की पहचान की पुष्टि की और उसके बाद बेहद करीब से गोलीबारी की। घटना के बाद हमलावर मौके से फरार हो गए। सुरक्षा बल उनकी तलाश में लगातार सर्च ऑपरेशन चला रहे हैं और सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्यों तथा प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि हमलावरों को स्थानीय स्तर पर किसी प्रकार की मदद मिली थी या नहीं।

हमले के कुछ समय बाद प्रतिबंधित आतंकी संगठन द रेजिस्टेंस फ्रंट (टीआरएफ) ने इस वारदात की जिम्मेदारी लेने का दावा किया। भारतीय सुरक्षा एजेंसियां टीआरएफ को पाकिस्तान समर्थित आतंकी नेटवर्क से जुड़ा संगठन मानती हैं और उसके खिलाफ लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि दावे की सत्यता की भी जांच की जा रही है और घटना से जुड़े सभी पहलुओं की गहन पड़ताल की जा रही है।

घटना के बाद प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात कर दिए हैं और वरिष्ठ अधिकारियों ने हालात की समीक्षा करते हुए दोषियों को जल्द गिरफ्तार करने का भरोसा जताया है। सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि आतंकियों की इस साजिश का उद्देश्य घाटी में भय का माहौल पैदा करना और शांति व्यवस्था को प्रभावित करना है। फिलहाल पूरे इलाके में तलाशी अभियान जारी है और जांच पूरी होने के बाद ही घटना से जुड़े सभी तथ्य स्पष्ट हो सकेंगे।

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